आधी रात को RSS दफ्तर बना निशाना
झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने हमला किया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से 18 घंटे में खुला राज
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया। जांच के दौरान सबसे पहले आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों को रांची से भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे सिर्फ शरारत थी या कोई बड़ी साजिश काम कर रही थी।
घटनास्थल से मिले अहम सुराग, जांच जारी
जांच एजेंसियों को घटनास्थल से कांच की टूटी हुई बोतलों के टुकड़े और धागे जैसे अहम साक्ष्य मिले हैं। बम निरोधक दस्ते ने भी मौके का निरीक्षण किया, लेकिन अब तक किसी आईईडी या अन्य विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में दो लोगों की संलिप्तता सामने आई है और घटना में इस्तेमाल किए गए साधनों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि हमले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा नेताओं ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा और बड़े षड्यंत्र की आशंका जताई है। वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने RSS कार्यालय के पास स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने भी मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। घटना का समय भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह राज्यसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले हुई, जिससे जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं।

