हंसी-खुशी शुरू हुआ सफर, दर्दनाक हादसे में बदला
नैनीताल की खूबसूरत वादियों से यादें समेटकर लौट रहा मेरठ का एक परिवार कभी नहीं सोच सकता था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक अध्याय बन जाएगी। बुधवार शाम कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर एक टेंपो ट्रैवलर का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर खाई की ओर जा झुका। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चालक समेत 27 लोग घायल हो गए। मृतक महिलाओं की पहचान नाज़मीन और फरद बेगम के रूप में हुई है, जो अपने परिजनों के सामने ही गहरी खाई में गिर गईं।
ड्राइवर की कोशिश नाकाम, कुछ ही सेकंड में बदल गई जिंदगी
घायल चालक नईम के अनुसार, ब्रेक फेल होते ही उसने वाहन को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। उसने प्रिया बैंड के पास वाहन को डिवाइडर से टकराकर नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार के कारण डिवाइडर टूट गया और टेंपो ट्रैवलर पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन में बैठे यात्री आगे की ओर उछल गए और शीशा टूट गया। इसी दौरान दोनों महिलाएं संतुलन खोकर खाई में जा गिरीं। परिवार के लोग उन्हें बचाने के लिए हाथ बढ़ाते रहे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासी अजय और जैक्सन सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर राहत कार्य शुरू किया। गाड़ी में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को हाईअलर्ट पर रखा गया, जहां कई घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल परिसर में अपनों की सलामती के लिए परिजनों की बेचैनी और चीख-पुकार का माहौल देखने को मिला। कई यात्रियों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिर सवालों के घेरे में ओवरलोडिंग और ब्लैक स्पॉट
यह हादसा एक बार फिर परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर गया है। बताया जा रहा है कि 24 सीट वाले टेंपो ट्रैवलर में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। जिस प्रिया बैंड पर यह हादसा हुआ, उसे पहले से ही ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है और यहां पूर्व में भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पर्यटन सीजन में ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।

