मां के प्रेमी ने घड़ी दिलाने के बहाने किया अपहरण
उत्तर प्रदेश के मेरठ में छह वर्षीय अंगदवीर हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एचडीएफसी बैंक के एरिया मैनेजर अर्पित पाराशर ने बच्चे को घड़ी दिलाने का झांसा देकर घर के बाहर से अगवा किया था। आरोपी को डर था कि अंगदवीर उसकी और अपनी मां गुरप्रीत कौर की मुलाकात के बारे में परिवार को बता देगा। इसी आशंका ने उसे इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए उकसाया। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
24 किलोमीटर दूर ले जाकर की निर्मम हत्या
पुलिस पूछताछ में आरोपी अर्पित टूट गया और उसने हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली। उसने बताया कि वह बच्चे को अपनी कार में बैठाकर करीब 24 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर के भद्रकाली मंदिर के पास वन क्षेत्र में ले गया। वहां उसने पहले बच्चे की चीख दबाने के लिए उसकी पगड़ी से मुंह बांध दिया। इसके बाद चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से शव बरामद कर लिया है और फॉरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं।
तलाक को लेकर परिवार में चल रहा था विवाद
मृतक के परिजनों के अनुसार, अंगदवीर की मां गुरप्रीत कौर पिछले कुछ समय से अपने पति से अलग होने और तलाक लेने का दबाव बना रही थी। परिवार का कहना है कि गुरप्रीत लंबे समय तक अपने मायके और रिश्तेदारों के पास रही थी तथा हाल ही में बेटे को लेकर वापस आई थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि बच्चे का पालन-पोषण मुख्य रूप से उसकी बुआ ने किया था। अब पुलिस गुरप्रीत से भी पूछताछ कर रही है और यह जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं।
आठ घंटे तक पुलिस को करता रहा गुमराह
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि उसने बच्चे को नहर में फेंक दिया है। उसके बयान के आधार पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम कई घंटों तक नहर में तलाश करती रही। बाद में आरोपी ने सच उगलते हुए हत्या की असली जगह बताई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तिनापुर के जंगल क्षेत्र से अंगदवीर का शव बरामद किया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।

