हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर राहुल गांधी का पलटवार, बोले- यह सिर्फ खड़गे जी का नहीं ,बल्कि हर दलित का मुद्दा है। खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा कि खड़गे के भाषण वाली जगह का शुद्धिकरण किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने इसे दलितों के साथ भेदभाव से जोड़ते हुए FIR दर्ज करने की मांग की।
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद क्या है?
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की एक जनसभा को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण हवन किए जाने की खबर सामने आई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित होने के कारण की गई।
इस घटना के बाद कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव का मामला बताया। वहीं, बीजेपी ने इस घटना से खुद को अलग किया है। बीजेपी की ओर से कहा गया कि यह धार्मिक परंपरा से जुड़ी गतिविधि थी और इसका खड़गे के कार्यक्रम से संबंध नहीं था।
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर राहुल गांधी ने PM मोदी से क्या मांग की?
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के यह मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो देश के गरीब और दलित लोगों के साथ होने वाले भेदभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
‘यह सिर्फ खड़गे का मुद्दा नहीं’
राहुल गांधी ने साफ किया कि यह मामला केवल मल्लिकार्जुन खड़गे तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह देश के हर दलित व्यक्ति से जुड़ा मुद्दा है।
आजतक के सवाल पर राहुल गांधी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर खड़गे का पर्याप्त समर्थन किया? इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं ने खड़गे का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की लड़ाई भेदभाव की इस विचारधारा के खिलाफ है।

राहुल गांधी ने छुआछूत का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद को छुआछूत से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण जैसी रस्म का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को अशुद्ध मानने की सोच से जुड़ा है। उन्होंने गांवों के साथ-साथ शहरों में भी दलितों के साथ भेदभाव होने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कुएं से पानी लेने पर रोक और दुकानों पर अलग-अलग बर्तन देने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया।
खड़गे ने भी संसद में उठाया था मामला
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को संसद में भी उठाया था। उन्होंने सवाल किया था कि उनके कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण की जरूरत क्यों पड़ी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती और मामले की जांच कराई जाएगी।
कांग्रेस और BJP में बढ़ी सियासी तकरार
Haldwani Purification Row अब उत्तराखंड की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। कांग्रेस इस घटना को दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जोड़ रही है।
वहीं बीजेपी ने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से दूरी बनाई है। ऐसे में राहुल गांधी की FIR की मांग के बाद इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी का कहना है कि इस मामले में सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से FIR दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं होती, तो इससे समाज में भेदभाव करने वालों को बढ़ावा मिलेगा।
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। कांग्रेस इसे दलितों के सम्मान और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई का मुद्दा बता रही है। वहीं बीजेपी ने घटना से खुद को अलग करते हुए जांच की बात कही है।
अब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से FIR की मांग की है। ऐसे में देखना होगा कि उत्तराखंड सरकार की जांच में इस कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
Read More https://nationagenda.com/rahul-gandhi-dharna-delhi-pellet-gun-sahil-lochab-fir-demand/
Written by Ambar Pandey

