चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जनरल झाओ जोंगकी को हटाया, गलवान ऑपरेशन को दी थी मंजूरी का दावा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जनरल झाओ जोंगकी को हटाया, गलवान ऑपरेशन को दी थी मंजूरी का दावा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सरकार ने सेना से जुड़े एक अहम चेहरे जनरल झाओ जोंगकी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, झाओ को चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था Chinese People’s Political Consultative Conference (CPPCC) की सदस्यता से हटा दिया गया है। इसके अलावा उन्हें दो अन्य पदों से भी हटाया गया है।

जनरल झाओ जोंगकी उस समय चर्चा में आए थे, जब वह भारत-चीन सीमा पर हुए डोकलाम गतिरोध और 2020 में हुई गलवान घाटी झड़प के दौरान PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे।

चीन के जनरल झाओ जोंगकी की भूमिका क्या थी?

PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड चीन के तिब्बत और शिनजियांग क्षेत्रों के साथ-साथ भारत से लगती चीन की सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालती है।

दरअसल, जनरल झाओ जोंगकी फरवरी 2016 से दिसंबर 2020 तक वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख रहे। इसी दौरान भारत और चीन के बीच सीमा पर दो बड़े विवाद सामने आए।

डोकलाम विवाद के दौरान भी कमान संभाल रहे थे झाओ

साल 2017 में डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच करीब 72 दिनों तक गतिरोध रहा था। उस समय जनरल झाओ जोंगकी PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड का नेतृत्व कर रहे थे।

इसके बाद मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा तनाव बढ़ गया। हालांकि, इसके बाद हालात और बिगड़े और जून 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई।

गलवान ऑपरेशन को लेकर जनरल झाओ जोंगकी पर दावा

जनरल झाओ जोंगकी को लेकर 2020 में एक अमेरिकी खुफिया आकलन का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि उन्होंने भारत को सबक सिखाने के उद्देश्य से गलवान में सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दी थी। ANI ने उस समय अमेरिकी खुफिया आकलन का हवाला देते हुए इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की थी। हालांकि, इस दावे को लेकर चीन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई थी। इसलिए, गलवान ऑपरेशन में झाओ की भूमिका को लेकर सामने आए दावे को रिपोर्टेड इंटेलिजेंस असेसमेंट के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

गलवान झड़प में 20 भारतीय सैनिक हुए थे शहीद

15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। इसके बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में लंबे समय तक तनाव बना रहा। साथ ही, दोनों देशों के बीच सीमा पर सैन्य तैनाती भी बढ़ी।

चीन में वरिष्ठ जनरलों पर लगातार कार्रवाई

जनरल झाओ जोंगकी को राजनीतिक पदों से हटाए जाने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब चीन में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

इससे पहले चीन ने वरिष्ठ जनरलों झांग यूशिया और लियू झेनली को भी केंद्रीय सैन्य आयोग से हटाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में सैन्य नेतृत्व के भीतर अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, जनरल झाओ जोंगकी को CPPCC से हटाने के पीछे चीन सरकार ने फिलहाल कोई स्पष्ट आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

भारत-चीन सीमा विवाद में झाओ का नाम क्यों अहम है?

कुल मिलाकर, जनरल झाओ जोंगकी का नाम भारत-चीन सीमा विवाद के दो महत्वपूर्ण दौर—डोकलाम और गलवान—से जुड़ा रहा है। यही वजह है कि उनके राजनीतिक पदों से हटाए जाने की खबर को भारत में भी काफी अहम माना जा रहा है।

हालांकि, उन्हें हटाने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह चीन सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किए जाने के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगा।

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Written by Ambar Pandey

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