PM मोदी ने SCO Summit से पहले आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है, जो इन चुनौतियों से पूरी तरह मुक्त हो।
PM मोदी SCO Summit में भारत की प्राथमिकताओं को भी सामने रखेंगे। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत का विजन Security, Connectivity और Opportunity यानी सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद पड़ोसी क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
PM मोदी SCO Summit से पहले क्या बोले?
PM मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक उज्बेकिस्तान और किर्गिज़ गणराज्य के दौरे पर हैं। इस दौरान वह 26वें Shanghai Cooperation Organisation यानी SCO Summit में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होगा।
PM Modi ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के जरिए क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ साझा प्रयास की जरूरत बताई।
PM मोदी का आतंकवाद पर सख्त रुख
PM मोदी ने कहा कि आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए SCO के सदस्य देशों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद को क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत SCO में सुरक्षा सहयोग को प्रमुख मुद्दे के रूप में आगे बढ़ा रहा है। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त कार्रवाई की मांग करता रहा है।

SCO Summit में भारत का क्या रहेगा फोकस?
PM Modi SCO Summit में भारत की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर जोर दे सकते हैं। इनमें Security, Connectivity और Opportunity शामिल हैं। Security के तहत क्षेत्रीय शांति और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग अहम होगा। Connectivity में देशों के बीच बेहतर संपर्क और व्यापारिक मार्गों पर जोर रहेगा। वहीं Opportunity के जरिए आर्थिक सहयोग और विकास की संभावनाओं को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
29-30 अगस्त को उज्बेकिस्तान में रहेंगे PM मोदी
SCO Summit से पहले प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर हैं। वह 29 और 30 अगस्त को ताशकंद में रहेंगे। इस दौरान PM Modi की उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत होगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिज़ गणराज्य की राजधानी बिश्केक जाएंगे। यहां वह 26वें SCO Summit में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री SCO के अन्य सदस्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह शिखर सम्मेलन खास माना जा रहा है।
SCO में भारत की भूमिका
भारत 2017 से SCO का सक्रिय सदस्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत संगठन के भीतर रचनात्मक भूमिका निभाता रहा है। भारत SCO के जरिए मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है। इसके अलावा व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर है।
PM मोदी के दौरे का क्या है मकसद?
PM Modi की इस यात्रा का उद्देश्य केवल SCO Summit में हिस्सा लेना नहीं है। भारत मध्य एशिया के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी मजबूत करना चाहता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, यह दौरा भारत की Central Asia Partnership को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही दोनों देशों के बीच सभ्यतागत और लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत किया जाएगा।
PM मोदी SCO Summit से पहले आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को लेकर भारत का रुख साफ कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने इन चुनौतियों को क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है।
भारत अब SCO के मंच से सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों पर जोर देगा। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश करेगा।
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Written by Ambar Pandey


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