सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन लंबा अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज होती है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
आखिर महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यदि सोनम वांगचुक को अपना अनशन समाप्त करना ही था, तो यह किसी और व्यक्ति के हाथों भी कराया जा सकता था। उन्होंने कहा कि “ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज होती है।” साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार के “जाल” में न फंसें और आंदोलन के मूल मुद्दों को नजरअंदाज न करें।
26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन
सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक चले अपने अनिश्चितकालीन अनशन को केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत और कुछ आश्वासनों के बाद समाप्त किया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने सहित कई अहम भरोसे दिए गए हैं। इसके बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के उद्देश्य अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।

जे.पी. नड्डा की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
अनशन समाप्त करने के दौरान केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा मौजूद रहे। इसी तस्वीर और घटनाक्रम को लेकर महुआ मोइत्रा ने अपनी टिप्पणी की। उनका कहना था कि इस तरह का दृश्य राजनीतिक रूप से अलग संदेश देता है और ऐसे मामलों में सार्वजनिक छवि यानी “ऑप्टिक्स” का भी महत्व होता है।
आंदोलन अभी जारी रहेगा
हालांकि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित अनियमितताओं की जवाबदेही और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन आगे भी चलता रहेगा।
पहले भी अनशन खत्म करने की अपील कर चुकी थीं महुआ
गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा इससे पहले भी सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील कर चुकी थीं। उन्होंने कहा था कि उनकी जान अधिक महत्वपूर्ण है और आंदोलन पहले ही देशभर के युवाओं को एकजुट करने में सफल रहा है। अब अनशन समाप्त होने के बाद उनकी नई टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।
राजनीतिक हलचल तेज
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद जहां एक ओर केंद्र सरकार इसे बातचीत के जरिए निकला सकारात्मक समाधान बता रही है, वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठा रहा है। महुआ मोइत्रा की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है और सरकार तथा प्रदर्शनकारियों के बीच आगे क्या बातचीत होती है।
Written by Ambar Pandey

