हरियाणा विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों और पुलिस में धक्का-मुक्की, हुड्डा ने सरकार पर साधा निशाना
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस विधायकों को सुरक्षा कर्मियों ने गेट के पास रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके विधायकों के साथ पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया।
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। उनके हाथों में अलग-अलग मुद्दों से जुड़े पोस्टर और तख्तियां थीं। कांग्रेस विधायकों ने युवाओं, सफाई कर्मचारियों, कथित घोटालों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधानसभा के प्रवेश द्वार के पास सुरक्षा कर्मियों ने विधायकों को पोस्टर और तख्तियों के साथ अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया और शरीर के कुछ हिस्सों में चोटें आईं।
हुड्डा ने जताई नाराजगी
हरियाणा घटना को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा के अंदर भी सरकार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विधायकों के साथ इस तरह का व्यवहार पहले नहीं देखा।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों और उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।

स्पीकर ने वीडियो फुटेज देखने की बात कही
हरियाणा मामले पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा कि विधानसभा परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने और वीडियो फुटेज देखने की बात कही।
अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों से सहयोग करने की अपील की। हालांकि, कांग्रेस विधायक लगातार इस मुद्दे को सदन में उठाते रहे, जिसके कारण विधानसभा की कार्यवाही भी बाधित हुई और सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा।
सदन के अंदर भी बढ़ा विवाद
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने सुरक्षा कर्मियों पर उनके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह कादियान ने इसे विधायकों के विशेषाधिकार से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की।
वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और लगातार हंगामा करने का आरोप लगाया।
बाद में कांग्रेस के आठ विधायकों को सदन में लगातार हंगामा करने के आरोप में निलंबित किए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद उन्हें मार्शलों की मदद से सदन से बाहर ले जाया गया।
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस जहां इसे विधायकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बता रही है, वहीं सत्तापक्ष विधानसभा के नियमों और अनुशासन का हवाला दे रहा है।
Written By : Naina Gupta

