नई दिल्ली: प्याज के दाम में फिर आया उछाल, दिल्ली-NCR में कीमतें बढ़ीं; जानिए क्यों महंगी हो रही है प्याज। पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ा और अब प्याज के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली-NCR समेत देश के कई शहरों में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक महीने पहले करीब 25 रुपये किलो मिलने वाली प्याज कई जगहों पर 60-65 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह पुराने रबी स्टॉक का कम होना और नई फसल की आवक के बीच बना मौसमी अंतर बताया जा रहा है। इसके अलावा बारिश और नमी के कारण प्याज के स्टॉक को भी नुकसान पहुंचा है।
प्याज के दाम दिल्ली-NCR में कितने ?
प्याज के दाम दिल्ली में करीब 65 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। एक साल पहले इसी अवधि में दिल्ली में प्याज करीब 35 रुपये किलो बिक रही थी। देशभर की औसत खुदरा कीमत भी 22 अगस्त तक करीब 42 रुपये किलो पहुंच गई थी।
हालांकि, कीमत प्याज की क्वालिटी और बाजार के हिसाब से अलग-अलग है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में सामान्य क्वालिटी की प्याज करीब 32 से 35 रुपये किलो बताई गई है। वहीं बेहतर क्वालिटी की प्याज 45 से 47 रुपये किलो तक बिक रही है।
प्याज के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?
प्याज के दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सप्लाई में कमी है। पुराने रबी स्टॉक में कमी आ गई है। दूसरी तरफ नई फसल की आवक अभी पर्याप्त नहीं है। इस वजह से बाजार में प्याज की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का असर भी प्याज की फसल और भंडारण पर पड़ा। नमी के कारण कुछ स्टॉक खराब हुआ। इससे बाजार में इस्तेमाल योग्य प्याज की मात्रा कम हुई है।
नई फसल आने में क्यों हो रही है देरी?
प्याज की कीमतों में राहत के लिए अब नई खरीफ फसल की आवक का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन महाराष्ट्र में मानसून की देरी से खरीफ प्याज की बुवाई प्रभावित हुई है।
इसका असर फसल की कटाई और मंडियों में उसकी आवक पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों पर दबाव बना रहने की आशंका है।
आजादपुर मंडी में प्याज का भाव क्या है?
दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज के अलग-अलग ग्रेडों के भावों में अंतर देखने को मिल रहा है। उपलब्ध मंडी रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य क्वालिटी की प्याज करीब 32-35 रुपये किलो है।
वहीं मीडियम क्वालिटी करीब 35 रुपये किलो और उससे बेहतर क्वालिटी करीब 38 रुपये किलो तक है। सुपर क्वालिटी प्याज 45-47 रुपये किलो तक पहुंच रही है।
कारोबारियों के मुताबिक, पिछले एक-दो हफ्ते में थोक भाव में करीब 2 से 4 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। सप्लाई में कमी के कारण मंडी में आवक भी सामान्य से कम बताई जा रही है।

सरकार ने उठाया बड़ा कदम
प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने की तैयारी की है। इसके जरिए दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों में प्याज की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य ज्यादा प्याज को उन बाजारों तक पहुंचाना है, जहां कीमतें अपेक्षाकृत अधिक हैं। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
चीनी के बाद प्याज ने बढ़ाई चिंता
प्याज की कीमत ऐसे समय बढ़ी है, जब चीनी के दाम भी तेजी से ऊपर गए हैं। 12 से 22 अगस्त के बीच कई प्रमुख शहरों में चीनी 14 से 17 रुपये किलो तक महंगी हुई।
दिल्ली में चीनी का भाव 12 अगस्त के 54 रुपये से बढ़कर 22 अगस्त को 68 रुपये किलो तक पहुंच गया। इस तरह महज 10 दिनों में कीमत में 14 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
इस वजह से प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या आने वाले दिनों में और महंगी होगी प्याज?
फिलहाल प्याज की कीमतों को लेकर पूरी तरह राहत की तस्वीर नहीं है। आजादपुर मंडी के कारोबारियों ने पिछले दिनों सप्लाई में कमी की बात कही है। बारिश के कारण स्टॉक को हुए नुकसान का असर भी बाजार में दिखाई दे रहा है।
हालांकि, महाराष्ट्र से दिल्ली समेत दूसरे शहरों में अतिरिक्त प्याज पहुंचाने की सरकारी कोशिश से आगे चलकर सप्लाई बेहतर हो सकती है। अगर नई फसल की आवक भी बढ़ती है, तो कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
आम लोगों की रसोई पर असर
प्याज भारतीय रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सब्जियों में शामिल है। इसलिए इसकी कीमत में तेजी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है।
पहले से महंगी चीनी और दूसरी खाद्य वस्तुओं के बीच प्याज के दाम बढ़ने से महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार की कोशिश अब बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने पर है।
कुल मिलाकर, प्याज की कीमतों में मौजूदा तेजी के पीछे पुराने स्टॉक की कमी, नई फसल की देरी और बारिश से हुए नुकसान जैसे कारण अहम हैं। दिल्ली-NCR में प्याज के दाम कई जगहों पर 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच चुके हैं।
सरकार ने ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए सप्लाई बढ़ाने की कोशिश शुरू की है। अब नई फसल की आवक और सरकारी सप्लाई पर निर्भर करेगा कि प्याज के दाम कब तक नीचे आते हैं।
Read More https://nationagenda.com/cm-vijay-health-insurance-25-lakh-aavin-milk-price/
Written by Ambar Pandey

