प्राइवेट सेक्टर की प्रमुख बैंक Bandhan Bank Ltd ने 304 करोड़ रुपए के NPA पोर्टफोलियो की बिक्री को मंजूरी दी है।

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प्राइवेट सेक्टर की प्रमुख बैंक Bandhan Bank Ltd ने 304 करोड़ रुपए के NPA पोर्टफोलियो की बिक्री को मंजूरी दी है। इसके बावजूद शेयर में करीब 1% की गिरावट देखी गई। बैंक में FII और DII की मजबूत हिस्सेदारी है। निवेशकों की नजर अब NPA मैनेजमेंट और आगे की ग्रोथ रणनीति पर बनी हुई है।

प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank Ltd के शेयर मंगलवार 16 जून को बाजार में चर्चा में दिखाई दिए। इसकी वजह बैंक का फैसला है जिसमें बोर्ड ने हाउसिंग फाइनेंस पोर्टफोलियो से जुड़े 180 दिन से ज्यादा DPD वाले NPA अकाउंट्स को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

बैंक के मुताबिक 31 मई 2026 तक इस NPA पोर्टफोलियो का प्रिंसिपल आउटस्टैंडिंग करीब 303.74 करोड़ रुपए था। बैंक इस पोर्टफोलियो की बिक्री Asset Reconstruction Companies (ARC) को करेगा और इसके लिए Swiss Challenge Method के जरिए बिडिंग प्रोसेस अपनाया जाएगा। इस खबर के बाद निवेशकों की दिलचस्पी स्टॉक में हलचल का अनुमान लगाया जा रहा है।

बंधन बैंक के शेयर 1% फिसले

मंगलवार 16 जून को बाजार खुलने पर Bandhan Bank का स्टॉक 0.57% की बढ़त के साथ 212.10 रुपए पर कारोबार करता नजर आया। इसके बाद करीब 9:45 बजे बैंक के शेयर ने 1% से अधिक की गिरावट के साथ 208.51 रुपए के लेवल को टच किया। हालांकि शेयर में निचले लेवल से खरीदी भी देखने को मिल रही है। बैंक का मार्केट कैप 33,978 करोड़ रुपए है।

मार्केट एक्सपर्ट्स की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि NPA पोर्टफोलियो सेल का फैसला बैंक की बैलेंस शीट को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। SBI Securities ने इस डेवलपमेंट को शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म के लिए पॉजिटिव बताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि NPA पोर्टफोलियो की बिक्री से बैंक की एसेट क्वालिटी पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

मार्च तिमाही में कैसी रही परफॉर्मेंस

बंधन बैंक ने हाल ही में मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए थे। बैंक की अर्निंग्स अनुमान के मुताबिक रहीं। लोअर क्रेडिट कॉस्ट और स्थिर बिजनेस ग्रोथ ने प्रदर्शन को सपोर्ट किया। हालांकि डिपॉजिट ग्रोथ 10% YoY रही, जो क्रेडिट ग्रोथ से कम थी। दूसरी ओर CASA रेशियो बढ़कर 29.3% पर पहुंच गया। बैंक का ग्रॉस NPA 3.3% दर्ज किया गया।

NPA सेल पर क्या बोला मैनेजमेंट

अर्निंग्स कॉल के दौरान बैंक के मैनेजमेंट ने कहा कि स्लिपेज में कमी आई है और कलेक्शन एफिशिएंसी में सुधार हुआ है। बैंक ने बताया कि ARC सेल Q3 में की गई थी और उससे पहले करीब तीन साल पहले ऐसा कदम उठाया गया था। मैनेजमेंट के अनुसार NPA सेल बैंक के पास उपलब्ध एक विकल्प है, लेकिन फिलहाल लगातार या हर तिमाही ऐसी बिक्री करने की कोई तत्काल योजना नहीं है।

HDFC Securities की राय

HDFC सिक्योरिटीज का कहना है कि माइक्रोफाइनेंस (MFI) सेगमेंट में दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिसके चलते स्लिपेज और क्रेडिट कॉस्ट में सुधार देखने को मिला है। ब्रोकरेज के अनुसार बंधन बॅक अपने लोन पोर्टफोलियो में सिक्योर्ड लोन की हिस्सेदारी बढ़ाने, डिपॉजिट फ्रेंचाइजी की क्वालिटी सुधारने और अंडरराइटिंग व कंप्लायंस को और मजबूत करने पर फोकस कर रहा है। हालांकि बैंक को रेगुलेटरी भरोसा दोबारा हासिल करने और पोर्टफोलियो को पूरी तरह स्थिर बनाने में समय लग सकता है।

DII और FII ने लगाया दांव

मार्च 2026 तिमाही तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के पास बंधन बैंक की करीब 22.1% हिस्सेदारी मौजूद थी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के पास बैंक की लगभग 22.4% हिस्सेदारी मौजूद थी।

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