Adani Enterprises ने एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत में एक मन्यूफैक्चरिंग प्लैटफॉर्म बनाने के लिए अमेरिकन कंपनी जैबिल के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इस ख़बर के बाद ही स्टॉक में मंगलवार को तेज़ी देखने को मिली.गौतम अडानी की कंपनी Adani Enterprises के स्टॉक में मंगलवार को तेज़ी देखने को मिली. ख़बर लिखे जाने तक अडानी एंटरप्राइजेज का स्टॉक 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी के साथ ट्रेड कर रहा था. कंपनी के स्टॉक में यह तेज़ी इसलिए देखने को मिली क्योंकि कंपनी ने एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत में एक मन्यूफैक्चरिंग प्लैटफॉर्म बनाने के लिए अमेरिकन कंपनी जैबिल के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इस पार्टनरशिप के बाद निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बढ़ गया और स्टॉक में तेज़ी देखने को मिली.
अमेरिका कंपनी के साथ पार्टनरशिप
पार्टनरशिप में जैबिल के इंजीनियरिंग ज्ञान और एआई मन्यूफैक्चरिंग ताकत को अडानी ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर्स में अनुभव और विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा. दोनों कंपनियों ने कहा कि वे एआई डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं.
मल्टी-गीगावाट कैपेसिटी की मन्यूफैक्चरिंग
पार्टनरशिप के तहत, दोनों कंपनियां भारत में मल्टी-गीगावाट कैपेसिटी की मन्यूफैक्चरिंग करने की योजना बना रही हैं. यह मन्यूफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म हाई डेनसिटी वाले एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्किंग इक्विपमेंट तैयार करेगा, जिनका इस्तेमाल एआई और डेटा सेंटर संचालन में किया जाता है. इसके अतिरिक्त, यह प्लेटफॉर्म डेटा सेंटरों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करेगा, जिसमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट (पीडीयू), कूलेंट डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट (सीडीयू), ट्रांसफार्मर, स्विचगियर, बसबार और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं.
ग्लोबल मार्केट को करना है टारगेट
दोनों कंपनियों के अनुसार, इस पार्टनरशिप का टारगेट ग्लोबल मार्केट है, जिसका अनुमान है कि अगले सात वर्षों में यह 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का होगा. उन्होंने कहा कि एआई के लिए आवश्यक डेटा सेंटर और संबंधित इक्विपमेंट जैसे एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में दुनिया भर में बढ़ते निवेश से यह अवसर पैदा हो रहा है.
डेटा सेंटर इंडस्ट्री में बढ़ोतरी
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत के डेटा सेंटर इंडस्ट्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है. अनुमान है कि 2030 तक इस इंडस्ट्री की क्षमता 5 से 8 गीगावाट (GW) तक पहुंच जाएगी. कंपनियों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के तीन मुख्य कारण होंगे: एआई का बढ़ता इस्तेमाल, क्लाउड सेवाओं में निरंतर ग्रोथ और डेटा लोकलाइजेशन की आवश्यकताएं.
गौतम अडानी ने क्या कहा?
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया एक ऐसे युग में एंट्री कर रही है जिसे उन्होंने “एआई रिवॉल्यूशन” बताया है, और उनका मानना है कि इसका प्रभाव पिछली औद्योगिक क्रांतियों से भी अधिक व्यापक हो सकता है. उन्होंने कहा कि जो देश एनर्जी सॉल्यूशन और कंप्यूटिंग क्षमताओं को प्रभावी ढंग से संयोजित करने में सक्षम होंगे.

