होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमले को तुरंत रोका जाये ; भारत ने किया ईरान के खिलाफ कड़ा विरोध

होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमले को तुरंत रोका जाये ; भारत ने किया ईरान के खिलाफ कड़ा विरोध

होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमले को तुरंत रोका जाये। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारी जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत ने ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यापारी जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। साथ ही, भारत ने क्षेत्र में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही बहाल करने की मांग भी की है। मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास के उप प्रमुख ( डिप्टी चीफ ऑफ मिशन ) को 2 व्यापारी जहाजों पर हुए मिसाइल हमले पर भारत ने कड़ी आलोचना की हैं इन हमलो में एक भारतीय नाविक की मौत हो गयी और अन्य भारतीय चालक दल के लोग घायल हो गए।

भारत ने ईरान से क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजनयिक से मुलाकात के दौरान साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारी जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने जोर देकर कहा कि ऐसे हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जल्द से जल्द सुनिश्चित की जानी चाहिए।

गैर-सैन्य ठिकानों और व्यापारी जहाजों पर हमले रोकने की अपील

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ते समुद्री हमलों और तनावपूर्ण हालात को लेकर भारत गंभीर चिंता जता रहा है। मंत्रालय ने सभी पक्षों से हिंसा पर तुरंत रोक लगाने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। साथ ही, भारत ने स्पष्ट कहा कि व्यावसायिक जहाजों और गैर-सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। मंत्रालय के मुताबिक, ऐसा होने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही बहाल होगी और वैश्विक व्यापार भी सामान्य रूप से जारी रह सकेगा।

दो जहाजों पर सवार थे 30 भारतीय नागरिक

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हुए हमलों को लेकर भारत ने गहरी चिंता जताई है। दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल थे। मंत्रालय के अनुसार, एमटी अल बहियाह पर तैनात 12 भारतीयों में से एक नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ है। वहीं, एमटी मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से 9 चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें दो भारतीयों की हालत गंभीर बनी हुई है।

भारतीय नाविक की मौत के बाद बढ़ी चिंता

दरअसल, हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो व्यापारी जहाज हमले का शिकार हुए थे। इन जहाजों पर भारतीय चालक दल के सदस्य भी मौजूद थे। इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इसके बाद भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई और ईरान के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

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written by Ambar Pandey

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