केंद्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिराज सिंधिया 5 जुलाई को शिवपुरी में स्थापित होने जा रहे 2,500 करोड़ के अत्याधुनिक अडानी डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उदघाटन करेंगे
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले को रविवार को एक बड़ी औद्योगिक सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिराज सिंधिया 5 जुलाई को शिवपुरी में स्थापित होने जा रहे 2,500 करोड़ के अत्याधुनिक अडानी डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उदघाटन करेंगे। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी बल्कि ग्वालियर और चम्बल क्षेत्र को देश के प्रमुख रक्षा निर्माण केन्द्रो में शामिल करने की दिशा में भी महतवपूर्ण कदम साबित हो सकती है
दरसल केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षो से ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह डिफेन्स प्लांट भारत की रक्षा उत्पाटन की क्षमता को अत्यधिक मजबूत कर्रेगा साथ ही यह क्षेत्रीय विकास को तेजी से बढ़ाएगा।
ग्वालियर तथा चम्बल को मिलेगी नई औद्योगिक पहचान
शिवपुरी में बनने वाला यह डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पुरे ग्वालियर और चम्बल के लिए गेम चेंजरसाबित हो सकता है। एक ओर ग्वालियर में पहले अडानी समूह का स्माल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स संचालित हो रहा है , तो दूसरी ओर शिवपुरी का यह नया संयत्र क्षेत्र में रक्षा उद्योग का एक मजबूत नेटवर्क विकसित करेगा।
इसके परिणाम स्वरुप ग्वालियर , शिवपुरी , गुना और आस पास के जिलों रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही क्षेत्र निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। यही कारण है कि इस परियोजना को मध्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक निवेशों में से एक माना जा रहा है।

आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा निर्माण
जानकारी के अनुसार , इस परियोजना में आधुनिक रक्षा प्रणाली एडवांन्स डिफेन्स सिस्टम और अत्याधुनिक तकनीक आधारित उपकरणों के निर्माण की दिशा में काम किया जायेगा। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण उत्पादों के उत्पादन की समभावनए भी व्यक्त की जा रही है.
वहीं भारत सरकार का लक्ष्य रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है। ऐसे में शिवपुरी का यह संयत्र देश की रक्षा उत्पादन रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है.
5,000 लोगो को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के क्षेत्र मे देखने को मिलेगा। अनुमान है कि प्लांट के निर्माण में संचालन के दौरान करीब 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा स्थानीय युवाओ को तकनीक और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं छोटे-मध्यम उद्योगों को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़कर स्थानीय उद्यमी अपने-अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े औद्योगिक निवेश का प्रभाव केवल एक कारखाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके आसपास संपूर्ण औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होता है। यही वजह है कि इस परियोजना से पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय एमएसएमई को मिलेगा बड़ा अवसर
शिवपुरी परियोजना का लाभ केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ-साथ क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।
ग्वालियर स्थित अडानी स्मॉल आर्म्स प्लांट से पहले ही 25 से अधिक स्थानीय एमएसएमई जुड़े हुए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि शिवपुरी में नया डिफेंस प्लांट शुरू होने के बाद और अधिक स्थानीय इकाइयां रक्षा उत्पादन से जुड़ सकेंगी।
नतीजतन, क्षेत्र में रोजगार बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
तीन वर्षो में शुरू होगा उत्पादन
परियोजना के संबंध में यह जानकारी भी सामने आई है कि अगले तीन वर्षों के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद यहां उत्पादन गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी।
हालांकि, इतनी बड़ी परियोजनाओं में कई तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, लेकिन परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की योजना बनाई गई है। यही कारण है कि इसे केवल एक निवेश घोषणा नहीं, बल्कि जमीन पर उतरने वाली वास्तविक औद्योगिक परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।
ग्वालियर प्लांट की सफलता ने बढ़ाया भरोसा
शिवपुरी परियोजना को लेकर उत्साह का एक बड़ा कारण ग्वालियर स्थित अडानी स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की सफलता भी है। यह संयंत्र आज देश के प्रमुख निजी रक्षा उत्पादन केंद्रों में शामिल हो चुका है।
यहीं निर्मित प्रहार लाइट मशीन गन की पहली खेप भारतीय सेना को निर्धारित समय से लगभग 11 महीने पहले सौंप दी गई थी। इस उपलब्धि ने भारतीय रक्षा उत्पादन क्षेत्र में ग्वालियर की पहचान मजबूत की है।
इसके अलावा इस परियोजना के माध्यम से लगभग 3,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पहले ही सृजित किए जा चुके हैं। ऐसे में शिवपुरी परियोजना से भी इसी तरह के सकारात्मक परिणामों की उम्मीद की जा रही है।
सिंधिया के प्रयासों से बढ़ रहा निवेश
पिछले कुछ वर्षों में ग्वालियर-चंबल अंचल में बड़े निवेशों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसके पीछे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की सक्रिय भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, बदरवास में जैकेट निर्माण इकाई, गुना में लगभग ₹1,059 करोड़ की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट और अब शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास की तस्वीर पेश करते हैं।
इसके साथ ही निवेशकों का भरोसा भी इस क्षेत्र पर बढ़ा है। परिणामस्वरूप ग्वालियर-चंबल अंचल अब मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी पहचान बना रहा है
कुल मिलाकर, शिवपुरी में स्थापित होने जा रहा ₹2,500 करोड़ का अडानी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। एक ओर इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, तो दूसरी ओर भारत के रक्षा उत्पादन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा किए जाने वाले इस उद्घाटन को क्षेत्र के विकास, निवेश और रोजगार के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यदि परियोजना तय समय में पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में शिवपुरी देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल हो सकता है।
written by Ambar Pandey

