सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद से फरार चल रहे इमारत के मालिक हरिराम को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। पुलिस अब उसे दिल्ली ला रही है। इसके बाद उसका मेडिकल कराया जाएगा और कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद हरिराम लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसे पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की। आखिरकार पुलिस टीम ने उसे भिवाड़ी से पकड़ लिया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इमारत गिरने के बाद वह क्यों फरार हुआ और क्या उसने किसी सबूत को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
सत्य निकेतन हादसे में गई 7 लोगों की जान
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दर्दनाक रही। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे।
दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजीव खिरवार के मुताबिक, हादसे वाली इमारत 1970 के दशक की थी। उन्होंने बताया कि इमारत को पहले कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया था और न ही उसे सील किया गया था। इसके अलावा, निगम को इस इमारत के संबंध में कोई शिकायत मिलने की जानकारी भी सामने नहीं आई थी।
भिवाड़ी से दिल्ली लाया जा रहा बिल्डिंग मालिक
दिल्ली पुलिस हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़कर दिल्ली ला रही है। दिल्ली पहुंचने के बाद उसका मेडिकल कराया जाएगा। इसके बाद उसे अदालत के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस कोर्ट से उसकी कस्टडी मांग सकती है, ताकि हादसे से जुड़े कई सवालों के जवाब हासिल किए जा सकें।
जांच का अहम हिस्सा यह भी है कि बिल्डिंग हादसे के बाद हरिराम अचानक क्यों गायब हो गया? पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या फरार होने के दौरान उसने किसी सबूत को मिटाने या छिपाने की कोशिश की।
10 पुलिस टीमों ने शुरू की थी तलाश
हरिराम की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। इसके लिए 10 अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में स्थानीय पुलिस, स्पेशल स्टाफ और ऑपरेशन यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल थे।
इन टीमों की निगरानी जिले के एडिशनल DCP स्तर के अधिकारियों ने की। पुलिस ने हरिराम की तलाश में दिल्ली-NCR के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी कई जगह छापेमारी की।
पुलिस ने उसके घर के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर भी दबिश दी। हालांकि, हर बार वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। बाद में उसकी लोकेशन राजस्थान के भिवाड़ी में मिली और पुलिस ने वहां कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
हरिराम के खिलाफ जारी हुआ था LOC
बिल्डिंग मालिक की तलाश के दौरान दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वह देश से बाहर न जा सके और जांच एजेंसियों की पकड़ से बच न पाए। अब उसकी हिरासत के बाद पुलिस हादसे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

बगल की इमारत को भी किया गया सुरक्षित
हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए। MCD कमिश्नर के अनुसार, हादसे वाली बिल्डिंग के बगल की इमारत भी कमजोर हो गई थी। उसे रातभर में मजबूत करने का काम किया गया।
प्रशासन ने कहा है कि जरूरत के अनुसार अगले एक-दो दिनों में इस इमारत को योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त किया जा सकता है। इसका उद्देश्य आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
दिल्ली हाई कोर्ट में भी पहुंचा मामला
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट तक भी पहुंच गया है। हादसे को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले की जांच, इमारत की स्थिति और जिम्मेदारी तय करने को लेकर कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ सकती है।
अब किन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस?
हरिराम की हिरासत के बाद जांच में कई सवाल अहम हो गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इमारत की हालत कैसी थी और हादसे से पहले वहां कोई निर्माण या बदलाव कराया गया था या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि संबंधित विभागों की ओर से पहले कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में कोई शिकायत या नोटिस नहीं था, तो वह अचानक कैसे ढह गई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? फिलहाल पुलिस हरिराम को दिल्ली लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। जांच और कोर्ट की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
Written by Ambar Pandey

