E20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल का पीएम हाउस मार्च, पुलिस ने रास्ते में रोका, सड़क पर धरने पर बैठे AAP नेता
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को E20 पेट्रोल नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। हालांकि,उनके काफिले को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद सड़क पर केजरीवाल अपने समर्थको के साथ धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पीएम हाउस की ओर बढ़ रहे थे केजरीवाल, बीच रास्ते में रोका गया
दोपहर करीब 12 बजे अरविंद केजरीवाल कार्यालय से शांतिपूर्ण मार्च की शुरुआत कर पीएम आवास की ओर बढ़े थे। लेकिन फिरोजशाह कोटला रोड पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए।
मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत कई नेता रहे मौजूद
अरविंद केजरीवाल के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और कई अन्य विधायक व कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे। सभी नेताओं ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ नारे लगाए और सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
E20 नीति के विरोध में निकाला गया मार्च
आम आदमी पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार E20 पेट्रोल नीति को लोगों पर जबरदस्ती लागू कर रही है। पार्टी का आरोप है कि इससे आम उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है और लोगों को बिना विकल्प दिए नई व्यवस्था अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मार्च से पहले पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी पोस्ट कर कहा था कि यह प्रदर्शन जनता की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री को सौंपने थे 2 लाख से ज्यादा पत्र
मार्च शुरू होने से पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशभर के दो लाख से अधिक लोगों द्वारा लिखे गए पत्र सौंपना चाहते हैं। उनका दावा है कि इन पत्रों में लोगों ने E20 पेट्रोल नीति को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से कई वाहनों के इंजन पर असर पड़ रहा है और माइलेज भी कम हो रहा है।

केंद्र सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
इससे पहले आयोजित एक राष्ट्रीय टाउन हॉल कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने E20 नीति को लेकर केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं।
. पेट्रोल पंपों पर E20 और शुद्ध पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
. E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए।
. पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाई जाए।
E20 पेट्रोल पर सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों पर पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को वैज्ञानिक अध्ययन और विशेषज्ञ संस्थाओं की सलाह के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। सरकार के अनुसार, इस प्रक्रिया में नीति आयोग, ऑटोमोबाइल कंपनियां, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और अन्य तकनीकी संस्थानों की भागीदारी रही है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता सड़क पर धरना देकर अपना विरोध जता रहे हैं। वहीं, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी है। E20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।
written by Suchana Nanda

