15 साल पुराना भरोसा, एक झटके में खत्म
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। 45 वर्षीय घरेलू सहायिका मीना, जो पिछले 15 वर्षों से एक डॉक्टर के घर में काम कर रही थीं, उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मनीष गुप्ता ने क्रिकेट बैट और चाकू से हमला कर मीना की जान ले ली। घटना के बाद डॉक्टर को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया, जबकि खून से लथपथ शव पड़ोसी मकान की छत पर मिला।
डिप्रेशन और ओसीडी के इलाज की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉ. गुप्ता पिछले करीब 10 वर्षों से डिप्रेशन और ओसीडी का इलाज करा रहे थे और नियमित दवाएं भी ले रहे थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली, लेकिन इस खौफनाक वारदात के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां अब डॉक्टर के मेडिकल रिकॉर्ड और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह समझा जा सके कि उनकी मानसिक स्थिति का इस अपराध से कोई संबंध था या नहीं।
पड़ोसियों ने सुनी थीं चीखें, घर में मौजूद था बेटा
घटना के समय डॉक्टर का करीब 20 वर्षीय बेटा घर में मौजूद था, हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं डॉक्टर की पत्नी, जो आयुर्वेदिक त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं, घर पर नहीं थीं। स्थानीय लोगों और आसपास काम करने वाले घरेलू कर्मचारियों का कहना है कि वारदात से पहले छत की ओर से चीख-पुकार और शोर सुनाई दिया था। कुछ देर बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, परिवार को इंसाफ का इंतजार
मीना की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन और बड़ी संख्या में घरेलू कर्मचारी डॉक्टर के घर के बाहर जुट गए। मृतका के बेटे रॉबिन ने कहा कि उनकी मां रोज की तरह काम पर गई थीं, लेकिन कुछ घंटों बाद उनकी मौत की खबर मिली। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और पड़ोसियों समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दो महीने के भीतर कैलाश हिल्स में सामने आई यह दूसरी बड़ी हत्या की घटना है, जिसने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

