काठमांडू: तिब्बत से आया भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से टिमुरे बाजार, सीमा क्षेत्र और आसपास की बस्तियां प्रभावित हुई हैं। तेज बहाव में बड़ी संख्या में वाहन और सामान बह गए। वहीं, नेपाल पुलिस के तीन कार्यालय भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
फिलहाल प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं। इसके अलावा दो नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू अभियान के लिए भेजे गए हैं।
तिब्बत से आया अचानक सैलाब
तिब्बत से आया भीषण सैलाब के वजह से बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बाढ़ आ गई। नेपाल के रसुवा जिले में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में पानी तेजी से घुस गया।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, करीब एक दर्जन बस्तियां बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। स्याफ्रुबेसी और टिमुरे के बाजार क्षेत्रों में भी भारी नुकसान की शुरुआती जानकारी सामने आई है।
सैकड़ों वाहन और सामान पानी में बहे
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रसुवा सीमा शुल्क क्षेत्र में खड़े कई वाहन तेज बहाव में बह गए। वहां रखा अन्य सामान भी पानी की चपेट में आ गया।
टिमुरे इलाके में एक नया पुल भी बाढ़ के तेज बहाव में बहने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई जलविद्युत परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
तीन पुलिस कार्यालय भी क्षतिग्रस्त
बाढ़ ने नेपाल पुलिस के तीन कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचाया है। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार, टिमुरे का एरिया पुलिस ऑफिस, स्याफ्रुबेसी पुलिस पोस्ट और रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट प्रभावित हुए हैं।
वहीं, टिमुरे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की टीम से संपर्क नहीं हो पाने की भी जानकारी सामने आई है। अधिकारियों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पांच जिलों में अलर्ट
बाढ़ का पानी आगे बढ़ने की आशंका को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। प्रशासन लगातार भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के जलस्तर पर नजर रख रहा है।

काठमांडू से कई जिलों की ओर वाहनों की आवाजाही रोकी
बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू घाटी ट्रैफिक पुलिस ने कई जिलों की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
इसके अलावा कुछ प्रमुख राजमार्गों पर भी यातायात रोकने का फैसला किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ का पानी कम होने और सड़क की स्थिति का आकलन करने के बाद आगे फैसला लिया जाएगा।
नेपाली सेना ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को अभियान में लगाया गया है। दो नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर निजी हेलीकॉप्टरों की मदद लेने की भी तैयारी की गई है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुलाई आपात बैठक
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने आपात बैठक बुलाई है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और नदी के किनारे बसे इलाकों को खाली कराना है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण को भी सक्रिय किया गया है। प्रशासन ने प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
क्या है बाढ़ की वजह?
फिलहाल बाढ़ की सटीक वजह को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी नदी में आई। मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि रसुवा में भारी बारिश इस बाढ़ की मुख्य वजह नहीं दिख रही है। तिब्बत की तरफ हुई भारी बारिश का भी इस घटना से संबंध होने की संभावना जताई गई है।
इसलिए अभी इसे सीधे तौर पर ग्लेशियर के फटने की घटना कहना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों की ओर से बाढ़ के वास्तविक कारण और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
आगे बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा
बाढ़ का पानी भोटेकोशी से आगे बढ़कर त्रिशूली नदी के रास्ते नीचे की ओर जा रहा है। अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, तिब्बत की ओर से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाके प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में वाहन बह गए हैं और तीन नेपाल पुलिस कार्यालय क्षतिग्रस्त हुए हैं। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। सरकार ने नदी के किनारे बसे पांच जिलों में लोगों को सतर्क किया है। वहीं, बाढ़ के आगे बढ़ने की आशंका को देखते हुए कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई है।
Written by Ambar Pandey

