IIT कानपुर में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने हैक कर दी वेबसाइट, FIR की जगह मिला इंटर्नशिप का ऑफर

IIT कानपुर में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने हैक कर दी वेबसाइट, FIR की जगह मिला इंटर्नशिप का ऑफर

नई दिल्ली/कानपुर: आईआईटी कानपुर में बी. टेक साइबर सिक्योरिटी में दाखिला नहीं मिलने से नाराज एक छात्र ने संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी। इतना ही नहीं, उसने IIT मद्रास की वेबसाइट को भी निशाना बनाया। हालांकि, मामला सामने आने के बाद आईआईटी कानपुर ने छात्र के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कराने के बजाय अलग रास्ता चुना। संस्थान अब छात्र की साइबर सुरक्षा से जुड़ी तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन करने पर विचार कर रहा है और उसे इंटर्नशिप या दोबारा प्रवेश के अवसर पर भी विचार किया जा सकता है।

एडमिशन नहीं मिलने के बाद उठाया बड़ा कदम

रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र ने IIT कानपुर के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। जब उसे दाखिला नहीं मिला, तो उसने कथित तौर पर संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी। बाद में जांच में यह भी सामने आया कि IIT मद्रास की वेबसाइट को भी निशाना बनाया गया था। वेबसाइट हैक करने के बाद छात्र ने “SITE IS HACKED , ALL I NEED IS JUST A FAIR CHANCE ” का मैसेज छोड़ा। छात्र ने X और रेडिट पर स्क्रीनशॉट को शेयर कर के अपने साइबर सिक्योरिटी स्किल्स को साबित करने और मौका पाने की बात कही। उधर, लीगल एक्शन की जगह संस्थान के निदेशक प्रो.मनिंद्र अग्रवाल ने छात्र का भविष्य सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

FIR की बजाय कौशल पर फोकस

मामला सामने आने के बाद संस्थान ने पुलिस कार्रवाई की जगह छात्र की तकनीकी क्षमता को देखने का फैसला किया। IIT कानपुर के अधिकारियों का मानना है कि छात्र ने गलत तरीका अपनाया, लेकिन उसकी साइबर सुरक्षा संबंधी समझ और तकनीकी कौशल असाधारण हो सकते हैं। इसी वजह से संस्थान उसके कौशल का औपचारिक मूल्यांकन करने की तैयारी कर रहा है।

मिल सकता है इंटर्नशिप या दूसरा मौका

सूत्रों के अनुसार, यदि मूल्यांकन में छात्र की तकनीकी योग्यता अपेक्षा के अनुरूप पाई जाती है, तो उसे इंटर्नशिप या साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में दोबारा मौका देने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। प्रोफेसर ने कहा कि IIT कानपुर में एडमिशन की प्रक्रिया बंद हो चुकी है। हम छात्र का भविष्य खराब नहीं करना चाहते थे , इसीलिए हम उसे एक मौका दे रहे है और C3iHub में इंटर्नशिप के लिए विचार कर रहे है। छात्र अगले साल एडमिशन के लिए प्रयास कर सकता है।

साइबर सुरक्षा पर नई बहस

यह मामला सामने आने के बाद एक नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ बिना अनुमति किसी वेबसाइट में सेंध लगाना कानूनन अपराध माना जाता है, वहीं दूसरी ओर कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी प्रतिभाओं को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले तो वे देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आधिकारिक फैसला अभी बाकी

फिलहाल IIT कानपुर ने छात्र के भविष्य को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। संस्थान पहले उसकी तकनीकी क्षमता का आकलन करेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि छात्र को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा या उसकी प्रतिभा को नया अवसर मिलेगा।

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Written by Ambar Pandey

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