राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत, SIT की रिपोर्ट में नहीं आया नाम

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत, SIT की रिपोर्ट में नहीं आया नाम

अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से कथित चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित SIT यानी विशेष जांच दल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है।

हालांकि, इस मामले में अभी कानूनी जांच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक अलग जांच भी चल रही है। इसलिए SIT की रिपोर्ट को दोनों नेताओं के लिए तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी का पूरा मामला?

राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की रकम को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया था। आरोप था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की रकम में कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों ने कथित तौर पर हेराफेरी की।

मामला सामने आने के बाद मंदिर के चढ़ावे की व्यवस्था और उसकी निगरानी को लेकर भी सवाल उठे। इसके बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया। SIT ने जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा, मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की गई।

SIT की अंतिम रिपोर्ट में क्या सामने आया?

जांच पूरी करने के बाद SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में उन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनके खिलाफ जांच के दौरान कार्रवाई हुई थी। खास बात यह है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम आरोपी के तौर पर रिपोर्ट में नहीं हैं। इस वजह से दोनों को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा पर क्यों उठे थे सवाल?

मामला राम मंदिर से जुड़ा होने के कारण शुरुआत से ही काफी संवेदनशील रहा है। चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। इसी दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम भी चर्चा में आया। हालांकि, SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों को आरोपी नहीं बनाया गया है। यानी, जांच एजेंसी की इस रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के खिलाफ इस मामले में आरोपी के तौर पर कार्रवाई की जरूरत नहीं बताई गई है।

क्या मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया?

यह बात समझना जरूरी है कि, SIT की रिपोर्ट आने के बावजूद मामले से जुड़ी एक दूसरी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे मामले में सभी जांच खत्म हो चुकी हैं।

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से जुड़ा मुद्दा भी सामने आया है। अदालत की निगरानी में चल रही जांच पूरी होने के बाद मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है।

अब तक कितने लोगों पर कार्रवाई हुई?

SIT की जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रिपोर्ट में उन्हीं लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनके खिलाफ जांच में आरोप पाए जाने की बात सामने आई है। वहीं, चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसलिए, SIT की अंतिम रिपोर्ट दोनों के लिए अहम राहत मानी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की जांच पर सबकी नजर

अब इस मामले में सबसे ज्यादा नजर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच पर है। अदालत के सामने मामले से जुड़े कई सवाल हैं। इसके अलावा चढ़ावे की रकम की व्यवस्था, कथित चोरी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

क्या है इस रिपोर्ट का मतलब?

SIT की अंतिम रिपोर्ट का सीधा मतलब यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित जांच टीम ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को इस मामले में आरोपी नहीं माना है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच का निष्कर्ष भी यही होगा। उस जांच के पूरा होने के बाद ही पूरे मामले पर अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

कुल मिलाकर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच के कारण मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

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Written by Ambar Pandey

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