बिहार की राजनीति में लंबे समय से खास पहचान रखने वाला 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के इस आवास से सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को पिकअप वाहनों के जरिए घरेलू और अन्य सामान को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास 1 पोलो रोड पहुंचाया गया। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
21 वर्षों से था लालू-राबड़ी परिवार का राजनीतिक ठिकाना
10 सर्कुलर रोड का बंगला केवल एक सरकारी आवास नहीं रहा, बल्कि पिछले दो दशकों से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राजनीति का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। बिहार की सत्ता से बाहर होने के बाद भी लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का राजनीतिक संचालन लंबे समय तक इसी पते से होता रहा।
राजनीतिक बैठकों से लेकर चुनावी रणनीतियों तक, इस आवास ने बिहार की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं को करीब से देखा है। यही वजह है कि इसे राज्य की राजनीति का एक प्रतीकात्मक पता माना जाता रहा है।
क्यों खाली करना पड़ रहा है बंगला?
राज्य सरकार ने हाल ही में 10 सर्कुलर रोड स्थित इस सरकारी आवास का नया आवंटन कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार यह बंगला अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है। दूसरी ओर, राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते नया सरकारी आवास उपलब्ध कराया गया है।
हालांकि बंगला खाली करने को लेकर पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विवाद भी चलता रहा। प्रशासन की ओर से कई बार आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद अब सामान स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है।
तेजस्वी यादव के आवास पर पहुंच रहा सामान
शिफ्टिंग के दौरान सबसे अधिक चर्चा इस बात की रही कि 10 सर्कुलर रोड से निकला सामान सीधे 1 पोलो रोड स्थित तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर पहुंचाया गया। 1 पोलो रोड वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का आधिकारिक आवास है।
सामान ले जाने वाली गाड़ियों की आवाजाही से दोनों परिसरों में हलचल देखी गई। राजनीतिक गलियारों में इसे परिवार की नई राजनीतिक और आवासीय व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
राबड़ी देवी ने मांगा था अतिरिक्त समय
जानकारी के अनुसार राबड़ी देवी ने हाल ही में राज्य सरकार को पत्र लिखकर बंगला खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा था कि मौजूदा आवास में उनकी चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप कई व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिन्हें दूसरे स्थान पर स्थापित करने में समय लगेगा।
इसके बावजूद अब शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और धीरे-धीरे सामान को दूसरे परिसरों में पहुंचाया जा रहा है।
राजनीतिक महत्व भी रखता है यह बदलाव
विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में बदलते शक्ति केंद्रों का संकेत भी माना जा सकता है। वर्षों तक जिस पते से आरजेडी की राजनीति संचालित होती रही, वहां से परिवार का हटना प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि आरजेडी नेताओं का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका पार्टी की राजनीतिक ताकत या संगठनात्मक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या?
फिलहाल 10 सर्कुलर रोड से सामान हटाने का काम जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बंगला पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा, जिसके बाद नए आवंटन के अनुसार वहां दूसरे निवासी प्रवेश करेंगे। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव का 1 पोलो रोड आवास फिलहाल परिवार की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।

