‘निशा’ बनने से क्यों कतराती थीं बॉलीवुड की बड़ी अभिनेत्रियां?
27 साल बाद भी ‘दिल तो पागल है’ दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है। अब फिल्म में ‘निशा’ का यादगार किरदार निभाने वाली करिश्मा कपूर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। करिश्मा के मुताबिक, उस दौर की कई नामी एक्ट्रेसेज इस रोल को करने से हिचक रही थीं, क्योंकि उन्हें फिल्म में माधुरी दीक्षित के साथ स्क्रीन शेयर करनी थी। खासकर डांस फेस-ऑफ का दबाव इतना बड़ा था कि कोई भी माधुरी जैसी डांसिंग आइकॉन के सामने खड़ा होने का जोखिम नहीं लेना चाहता था।
‘निशा’ ने बदली बॉलीवुड हीरोइन की परिभाषा
करिश्मा का मानना है कि ‘निशा’ का किरदार अपने समय से काफी आगे था। उन्होंने बताया कि उस दौर में फिल्मों की हीरोइनें अक्सर पारंपरिक प्रेम कहानियों तक सीमित रहती थीं, लेकिन निशा एक ऐसी लड़की थी जो प्यार में ठुकराए जाने का दर्द झेलती है। यह किरदार दर्शकों को इसलिए भी पसंद आया क्योंकि उसकी भावनाएं बेहद वास्तविक और दिल को छू लेने वाली थीं। करिश्मा के अनुसार, इसी अलग सोच ने ‘निशा’ को बॉलीवुड के सबसे यादगार किरदारों में शामिल कर दिया।
चुनौती ने बनाया करिश्मा को अवॉर्ड विनिंग स्टार
करिश्मा कपूर ने कहा कि उन्हें इस रोल की जटिल भावनाएं और चुनौतीपूर्ण सफर बेहद आकर्षक लगा। एक ऐसी लड़की का किरदार निभाना, जो अपने प्यार को खोने के दर्द से गुजर रही हो, उनके लिए एक अनोखा अनुभव था। यही वजह रही कि उन्होंने यह जोखिम उठाया और फिल्म में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। उनके शानदार अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा, और यह रोल उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल हो गया।
‘कभी कोई स्ट्रेटेजी नहीं बनाई, बस दिल की सुनी’
तीन दशक से अधिक लंबे करियर पर बात करते हुए करिश्मा कपूर ने कहा कि उन्होंने कभी सफलता का कोई तय फॉर्मूला नहीं अपनाया। उनके अनुसार, जिंदगी और करियर में आए उतार-चढ़ाव ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। करिश्मा ने बताया कि वह हमेशा अपनी रफ्तार और अपने फैसलों पर भरोसा करती रही हैं। फिल्मों के चयन से लेकर करियर की दिशा तक, उन्होंने कभी ज्यादा गणित नहीं लगाया, बल्कि हर मौके को जीते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश की। यही सोच आज भी उन्हें नए और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

