सरकार और CJP के नेताओं के बीच बातचीत हुई खत्म, प्रदर्शनकारियों ने 5 पैराग्राफ की लिखित डिमांड रखी
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच आज केंद्र सरकार और CJP (Cockroach Janta Party) के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हुई है। यह बातचीत Constitution Club of India में दोपहर करीब 12:30 बजे आयोजित की गई थी । सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह बैठक में शामिल हुए , जबकि CJP की ओर से संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहें ।
सरकार और सीजेपी की बातचीत जारी
पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिशें की जा रही है। CJP की मांग थी कि बैठक किसी न्यूट्रल जगह पर हो, न कि किसी राजनीतिक कार्यालय या सरकारी आवास पर। आखिरकार Constitution Club of India को बैठक के लिए चुना गया, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हुए। ये बैठक वीपी हाउस के कमरा नंबर 504 में हुई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, सीजेपी और सरकार के बीच बैठक CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच करीब डेढ़ घंटे से ज्यादा देर तक बैठक हुई है। CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने सरकार के सामने अपनी मांगों को रखा है। CJP ने 5 पैराग्राफ की लिखित डिमांड रखी है।
क्या हैं CJP की प्रमुख मांगें?
CJP ने साफ कर दिया है कि उसकी प्रमुख मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। संगठन का कहना है कि वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही की मांग पर कायम है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उसके प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

प्रमुख मुद्दों है ।
छात्रों पर एक्शन के लिए सरकार माफी मांगे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा हो
पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद
एक ओर सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है तो वहीं, दूसरी ओर सीजेपी का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं है। सीजेपी कह रही है कि जबतक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। अब से कुछ देर पहले अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट जारी रहेगा।
इधर सरकार ला रही कानून
देश में पेपर लीक से निपटने को लेकर सबसे बड़ा मंथन जारी है। शुक्रवार को कैबिनेट मीटिंग में कानूनी प्रक्रिया को लेकर मसौदे पर चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि थोड़ी ही देर में कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी और उसके बाद सोमवार को संसद के पटल पर बिल पेश होगा। सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानूनी एक्शन की तैयारी है। 3 महीने के अंदर इन मामलों में फैसला आएगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट सजा सुनाएगी। नए कानून में 10 साल तक की जेल का प्रावधान होगा। इसके साथ ही 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान होगा।
Written By : Naina Gupta

