हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई शहर में चलाए जा रहे विशेष वेरिफिकेशन अभियान के तहत की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी पकड़े गए लोगों को दस्तावेजों की जांच के बाद उनके देश वापस भेजने (डिपोर्ट) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई डीसीपी क्राइम की निगरानी में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। इस अभियान में क्राइम ब्रांच और अन्य टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों—विशेषकर निर्माण स्थलों, झुग्गी बस्तियों और किराए के मकानों—में जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिसके बाद 13 लोगों को अवैध रूप से भारत में रहने का दोषी पाया गया।
पहचान और दस्तावेजों की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिए गए लोगों के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं थे। पुलिस अब उनके पहचान पत्र, यात्रा रिकॉर्ड और सीमा पार करने के तरीकों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में विदेशी नागरिक फर्जी या अधूरे दस्तावेजों के सहारे लंबे समय तक शहरों में रह रहे थे, जिसकी पहचान इस अभियान के दौरान की गई।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने पुष्टि की है कि सभी हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिकों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके देश वापस भेजा जाएगा। इस संबंध में विदेशी पंजीकरण और संबंधित एजेंसियों को भी सूचना दे दी गई है।
सुरक्षा और निगरानी पर जोर
पुलिस ने बताया कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए नियमित सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
इसके तहत मकान मालिकों, ठेकेदारों और उद्योगों से भी अपील की गई है कि वे अपने यहां काम करने वाले लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं।
जांच जारी, नेटवर्क की भी पड़ताल
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ये लोग गुरुग्राम तक कैसे पहुंचे और क्या इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इन्हें रोजगार या आवास उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही।

