ईशान किशन ने खत्म किया 13 साल का सूखा, साउथ जोन को पछाड़कर ईस्ट जोन बना चैंपियन

duleep-trophy-2026-ishan-kishan-east-zone-champion-south-zone

ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहा। हालांकि पहली पारी में मिले 372 रन की बड़ी बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा किया है। ईस्ट जोन की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान ईशान किशन रहे। उन्होंने फाइनल की पहली पारी में शानदार 270 रन की पारी खेली और टीम को 700 से ज्यादा का विशाल स्कोर खड़ा करने में मदद की। किशन के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाया।

ईशान किशन ने अकेले बदला मैच का रुख

ईशान किशन की 270 रन की पारी इस फाइनल की सबसे बड़ी खासियत रही। उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। किशन ने इसके बाद दूसरी पारी में भी 80 रन बनाए। दोनों पारियों को मिलाकर उन्होंने फाइनल में कुल 350 रन बनाए। यह दलीप ट्रॉफी फाइनल में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा कुल स्कोर भी बताया जा रहा है। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

पहली पारी में ईस्ट जोन ने बनाए 708 रन

ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इसके अलावा कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए। इस बड़े स्कोर के सामने साउथ जोन की टीम पहली पारी में 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बढ़त मिली। यही बढ़त अंत में चैंपियन तय करने में निर्णायक साबित हुई।

फाइनल ड्रॉ, फिर भी ईस्ट जोन ने जीती ट्रॉफी

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में अगर मुकाबला ड्रॉ रहता है तो पहली पारी में बढ़त बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। इसी नियम के कारण साउथ जोन के साथ मुकाबला ड्रॉ रहने के बावजूद ईस्ट जोन चैंपियन बन गया। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे, जबकि साउथ जोन 336 रन ही बना सका। इसलिए ईस्ट जोन के पास 372 रन की बढ़त थी। मैच के अंत तक साउथ जोन इस बढ़त को खत्म नहीं कर पाया और ईस्ट जोन ने खिताब अपने नाम कर लिया।

साउथ जोन के लिए तिलक वर्मा ने किया संघर्ष

साउथ जोन की टीम के लिए कप्तान तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहली पारी में 99 रन बनाए और शतक से सिर्फ एक रन से चूक गए। उनके अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन की पारी खेली। हालांकि, टीम ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। तिलक वर्मा को पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

13 साल बाद ईस्ट जोन की ऐतिहासिक वापसी

ईस्ट जोन ने इससे पहले 2011-12 और 2012-13 सीजन में दलीप ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद टीम को लंबे समय तक खिताब का इंतजार करना पड़ा। अब 2026 में ईशान किशन की कप्तानी में टीम ने इस सूखे को खत्म कर दिया है। इस जीत से ईस्ट जोन के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। खासकर ईशान किशन की 270 रन की पारी ने घरेलू क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर भी बड़ा संदेश दिया है।

ईस्ट जोन के लिए क्यों खास रही यह जीत?

इस फाइनल में ईस्ट जोन ने सिर्फ खिताब ही नहीं जीता, बल्कि पूरे मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी की ताकत भी दिखाई। 708 रन का स्कोर बनाना और उसके बाद पहली पारी में 372 रन की बढ़त हासिल करना टीम के दबदबे को दिखाता है। वहीं, ईशान किशन की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों इस जीत के केंद्र में रहे। दूसरी पारी में भी टीम ने मुकाबले को अपने नियंत्रण में रखा और अंत में पहली पारी की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

Read More https://nationagenda.com/ind-vs-sl-jasprit-bumrah-ruled-out-of-test-series-due-to-injury-aaqib-nabi-gets-maiden-call-up-to-the-indian-team/

Written by Ambar Pandey

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *