बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। उसका शव हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक चाय की दुकान के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। रिपोर्टों के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ दिनों से हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहा था। इसी दुकान के अंदर शुक्रवार को उसका शव मिला। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। फिलहाल पुलिस उसकी मौत से जुड़े हालात और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अभी तक किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।
निठारी कांड क्या था?
निठारी कांड का खुलासा दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी इलाके में हुआ था। मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से बच्चों और महिलाओं के कंकाल बरामद होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था। इसके बाद पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच आगे चलकर सीबीआई को सौंप दी गई थी। सुरेंद्र कोली पर निठारी से जुड़े कई मामलों में हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए गए थे। अलग-अलग मामलों में उसे दोषी ठहराया गया और कई मामलों में मौत की सजा भी सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में अदालतों में इन मामलों की स्थिति बदलती गई।
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में किया था बरी
सुरेंद्र कोली की मौत ऐसे समय हुई है, जब वह निठारी कांड से जुड़े सभी मामलों में कानूनी तौर पर बरी हो चुका था। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में उसकी बरी होने की स्थिति को बरकरार रखा था। हालांकि उस समय एक अन्य मामले में सजा के कारण वह जेल में था। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े अंतिम लंबित मामले में भी सुरेंद्र कोली की सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया था, अगर किसी अन्य मामले में उसकी जरूरत नहीं हो। इसके साथ ही उसके खिलाफ निठारी कांड से जुड़े सभी आपराधिक मामलों का अंत हो गया था।
जेल से बाहर आने के बाद हरिद्वार में रहने लगा था
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद सुरेंद्र कोली जेल से बाहर आया था। इसके बाद वह हरिद्वार में रहने लगा। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से वह भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान चला रहा था। शुक्रवार को इसी दुकान में उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस कर रही मौत की जांच
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सुरेंद्र कोली की मौत किन परिस्थितियों में हुई। शुरुआती जानकारी में इसे आत्महत्या बताया गया है। हालांकि, मौत से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े सबूतों और अन्य परिस्थितियों को भी देख रही है। सुरेंद्र कोली की मौत की वजह के संबंध में अभी कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
निठारी कांड में क्या रहा अंतिम कानूनी निष्कर्ष?
निठारी कांड में सुरेंद्र कोली पर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद अदालतों में अभियोजन पक्ष के सबूतों और जांच को लेकर कई सवाल उठे। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसकी सजा को पलटते हुए उसे बरी किया था। इसके बाद सीबीआई, उत्तर प्रदेश सरकार और पीड़ित परिवारों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में उसकी बरी होने की स्थिति को बरकरार रखा। इसके बाद नवंबर 2025 में अंतिम लंबित मामले में भी उसकी सजा रद्द कर दी गई। इस तरह निठारी कांड से जुड़े सभी मामलों में सुरेंद्र कोली को कानूनी तौर पर दोषमुक्त कर दिया गया था। अब उसकी हरिद्वार में हुई मौत ने एक बार फिर करीब दो दशक पुराने निठारी कांड को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल पुलिस उसकी मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है।
Written by Ambar Pandey

