नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। खास बात यह है कि नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद से नंदीग्राम की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने 13 सितंबर को उम्मीदवारी का ऐलान होने के बाद नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, शुक्रवार को उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा कर दी।
नंदीग्राम सीट पर किस-किस के बीच मुकाबला?
नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रखी, जिसके कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। इस उपचुनाव के लिए ममता गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी ने हसीरानी रथ को टिकट दिया है। वहीं, ऋतब्रत गुट की डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने मोहम्मद एतेशामुल हक को मैदान में उतारा है। कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान उम्मीदवार हैं। लेफ्ट फ्रंट ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है। अब संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता गुट सीधे तौर पर नंदीग्राम के चुनाव मैदान से बाहर हो गया है और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दे रहा है।
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद वापस लिया नामांकन
संचिता प्रधान डे शुक्रवार को अपने पति सत्यजीत के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंची थीं। यहां उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। हालांकि, मुलाकात और नामांकन वापसी के बीच संबंध को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आ रहे हैं। अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि नामांकन वापस लेने का फैसला किस वजह से लिया गया। मीडिया रिपोर्टों में इस घटनाक्रम को ममता गुट के लिए बड़ा झटका बताया गया है। हालांकि, यह एक राजनीतिक आकलन है। तथ्य यह है कि ममता गुट की उम्मीदवार अब नंदीग्राम के चुनाव मैदान में नहीं हैं।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस को दिया समर्थन
उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा। ममता ने कहा कि वह INDIA गठबंधन में एकजुटता चाहती हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की थी। इसके बाद नंदीग्राम में ममता गुट ने अपना उम्मीदवार नहीं रखने और कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने का फैसला किया। इस तरह नंदीग्राम में चुनावी समीकरण एक बार फिर बदल गया है। अब मुकाबले में कांग्रेस, बीजेपी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस गुट के उम्मीदवार हैं।

TMC के नाम और चुनाव चिह्न का विवाद भी बना वजह
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट के बीच विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के बीच विवाद के चलते मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न को अंतरिम तौर पर फ्रीज कर दिया है। इसके बाद दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए गए हैं। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चिह्न मिला है। वहीं, ऋतब्रत गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया है। इस बदली हुई स्थिति में नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में ममता गुट पुराने TMC नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में नहीं उतर सकता।
6 अक्टूबर को होगा नंदीग्राम में मतदान
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। अब ममता गुट के उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद इस सीट पर मुकाबला नए समीकरण के साथ होगा।
फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ममता बनर्जी का गुट नंदीग्राम में अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन दे रहा है। वहीं, संचिता प्रधान डे के शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात और उसके बाद नामांकन वापस लेने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। इस मुलाकात के आधार पर किसी निश्चित कारण का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
Read More https://nationagenda.com/tmc-new-symbol-mamata-football-ritabrata-envelope/
Written by Ambar Pandey


One thought on “नंदीग्राम से ममता बनर्जी की उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद बदला पूरा समीकरण”