हॉस्पिटल में शराब पार्टी का खुलासा, मरीज के परिजन कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में लाते थे शराब

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मुजफ्फरपुर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद मुजफ्फरपुर के एक सरकारी अस्पताल में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में पता चला कि एक मरीज के परिजन कथित रूप से कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में शराब भरकर अस्पताल परिसर में लेकर आते थे और वार्ड के भीतर ही उसका सेवन किया जाता था।

अस्पताल में संदिग्ध गतिविधियों से खुला मामला

जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रशासन को कुछ दिनों से वार्ड में असामान्य गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। मरीजों और कर्मचारियों की ओर से मिली सूचनाओं के बाद अस्पताल प्रबंधन ने निगरानी बढ़ाई। जांच के दौरान कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मरीज के कुछ परिजन नियमित रूप से कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में शराब भरकर अस्पताल लाते थे ताकि किसी को शक न हो। बोतलों की सामान्य पैकिंग होने के कारण सुरक्षा जांच के दौरान भी उन पर विशेष ध्यान नहीं गया।

वार्ड के भीतर चल रही थी शराब पार्टी

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, परिजन मरीज की देखभाल के नाम पर वार्ड में लंबे समय तक रुकते थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोग शराब का सेवन करते थे। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित लोगों की पहचान करने और पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों के व्यवहार पर पहले भी सवाल उठे थे, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर शराब सेवन किया जा रहा होगा।

शराबबंदी वाले राज्य में बड़ा सवाल

बिहार में कई वर्षों से शराबबंदी लागू है और राज्य सरकार समय-समय पर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाती रही है। ऐसे में अस्पताल परिसर के भीतर शराब पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल ऐसे स्थान होते हैं जहां मरीजों की सुरक्षा और उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। यदि वहां नशे जैसी गतिविधियां होती हैं तो इससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि शराब अस्पताल परिसर तक कैसे पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जा सकता है।

स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था, आगंतुकों की जांच और नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मरीजों के उपचार केंद्रों को किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए।

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