JPSC-JSSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 18वें दिन भी जारी रहा। विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस की तीन परत वाली बैरिकेडिंग को पार कर लिया और विधानसभा की ओर आगे बढ़ने लगे। बैरिकेडिंग में कंटीले तार भी लगाए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी इन्हें पार करने में सफल रहे।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, कुछ परीक्षाओं को रद्द करना और मामले की सीबीआई जांच शामिल है। वहीं, प्रशासन ने विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है।
18वें दिन विधानसभा घेराव के लिए निकले छात्र
सोमवार 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एचईसी स्थित शहीद मैदान की ओर जुटे। आंदोलन में देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे महतो को उनके सहयोगी कंधे पर उठाकर शहीद मैदान तक लेकर पहुंचे।
इसके बाद वह एंबुलेंस से विधानसभा की ओर रवाना हुए। आंदोलनकारी छात्रों के साथ महतो भी विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े।
तीन परत वाली बैरिकेडिंग भी नहीं रोक सकी प्रदर्शनकारियों को
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास तीन परत वाली बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इनमें कंटीले तार भी लगाए गए थे।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने इन बैरिकेडिंग को पार कर लिया। इसके बाद वे विधानसभा की तरफ बढ़ने लगे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगन्नाथपुर मंदिर से लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आसपास तक कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर की ओर आगे न बढ़ सकें।

बाबूलाल मरांडी समेत कई बीजेपी नेता हिरासत में
छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच बीजेपी नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई बीजेपी नेताओं और विधायकों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
बताया गया कि हिरासत में लिए गए नेताओं को खेलगांव ले जाया जा रहा है। दूसरी ओर, विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई, लेकिन विपक्षी दलों के सदस्य सदन में मौजूद नहीं रहे।
धारा 163 लागू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानसभा के आसपास प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इलाके में धारा 163 लागू है। इसके बावजूद छात्रों की भीड़ आगे बढ़ती रही।
एडीजी मनोज कौशिक और रांची एसएसपी राकेश रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा बलों का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता क्यों नहीं बनी बात?
छात्रों के विधानसभा घेराव का एक बड़ा कारण रविवार को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई बातचीत का बेनतीजा रहना है। रविवार को झारखंड सरकार की मंत्रियों की कमेटी और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब छह घंटे तक बातचीत हुई।
सरकार की ओर से कहा गया कि करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन गई है। हालांकि, दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इनमें JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग प्रमुख थी।
CGL परीक्षा रद्द करने पर सरकार क्यों तैयार नहीं?
सरकार की मंत्रियों की कमेटी ने छात्रों को बताया कि JSSC CGL परीक्षा झारखंड हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोजित हुई है। इसलिए सरकार के लिए इसे सीधे रद्द करना संभव नहीं है।
हालांकि, परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित करने पर सरकार ने सहमति जताई है।
इसके अलावा, सरकार JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 और संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025 को रद्द करने पर सहमत हुई है।
JPSC मामले में 90 दिन में चार्जशीट की बात
वार्ता में JPSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी। सरकार के मुताबिक, CID जांच के तहत 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही मामले के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात भी सामने आई।
वहीं, जांच के दौरान अगर वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आए हैं तो उनकी जांच ED से कराने का अनुरोध करने पर भी सरकार सहमत हुई है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी कमेटी
छात्रों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में सुधार भी शामिल है। सरकार ने इसके लिए IIT-ISM और XLRI के विशेषज्ञों की मदद से कमेटी गठित करने का प्रस्ताव दिया है।
इस कमेटी का उद्देश्य JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर सुझाव देना होगा। सरकार का कहना है कि विशेषज्ञों की मदद से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
लिखित आश्वासन चाहते हैं छात्र
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने पहले दौर की बातचीत के बाद वीडियो कॉल के जरिए मंत्रियों से बात की थी।
महतो ने स्पष्ट किया था कि केवल मौखिक आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उन्हें लिखित रूप में दिया जाना चाहिए। इसी के बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने और सोमवार को विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया।
फिलहाल रांची में JPSC-JSSC Protest को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस आश्वासन चाहते हैं, जबकि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच अगली बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।
Written by Ambar Pandey

