IIT बॉम्बे के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उस दिन की घटनाओं की कड़ियां सामने आ रही हैं। अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच एग्जाम हॉल से लेकर हॉस्टल तक लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाल रही है। जांचकर्ताओं के हाथ करीब 15 मिनट की ऐसी CCTV रिकॉर्डिंग लगी है, जिसमें परीक्षा के दौरान साहिल की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच साहिल एग्जाम हॉल में था। इसी दौरान वह अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए नीचे झुका हुआ नजर आया। इसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे सवाल किया और उसे बाकी छात्रों से अलग ले जाकर पूछताछ की।
IIT बॉम्बे के एग्जाम हॉल में क्या हुआ?
IIT बॉम्बे सुसाइड केस में क्राइम ब्रांच के अनुसार, परीक्षा खत्म होने में करीब 15 मिनट बाकी थे। CCTV फुटेज में साहिल को अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखते हुए देखा गया। इसके बाद प्रोफेसर ने उससे पूछताछ की और उसे अन्य छात्रों से अलग कर दिया। इस घटनाक्रम को जांच में इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद साहिल सीधे हॉस्टल की ओर गया। हालांकि, CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों और उनके संदर्भ की पुलिस अभी जांच कर रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि CCTV फुटेज सार्वजनिक नहीं किया गया है और जांच टीम ही इसकी समीक्षा कर रही है।
एग्जाम हॉल से हॉस्टल तक का सफर
क्राइम ब्रांच अब कैंपस में लगे अलग-अलग CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर साहिल की पूरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार कर रही है। पुलिस के मुताबिक, एग्जाम हॉल से निकलने के बाद साहिल कैंपस से होते हुए अपने हॉस्टल पहुंचा। करीब 1:25 बजे वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा। पुलिस के अनुसार, इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। बाद में उसी दिन उसके कमरे में उसका शव मिला। यानी जांचकर्ताओं के लिए दोपहर 12:30 बजे से लेकर करीब 1:25 बजे तक का समय बेहद अहम है। इसी दौरान परीक्षा कक्ष में हुई घटना के बाद साहिल हॉस्टल तक पहुंचा था।

फोन को लेकर भी जांच
यह मामला उस घटना के बाद सामने आया, जब परीक्षा के दौरान साहिल के पास फोन होने की बात सामने आई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा हॉल में वास्तव में क्या हुआ था और वहां हुई बातचीत या कार्रवाई के बाद साहिल की मानसिक स्थिति कैसी थी। हालांकि, किसी एक घटना को साहिल की मौत का कारण मानना अभी जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। क्राइम ब्रांच CCTV, घटनास्थल और दूसरे उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ रही है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
साहिल के परिवार की ओर से प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और इसकी जांच चल रही है। दूसरी ओर, IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम की ओर से प्रोफेसर डूल्ला का समर्थन भी किया गया है। फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार एस. पंत ने कहा है कि संस्थान में छात्रों को कई तरह के दबाव का सामना करना पड़ता है और साहिल की मौत के बाद छात्रों की कुछ व्यापक चिंताएं भी सामने आई हैं। इसलिए फिलहाल जांच में सामने आ रहे तथ्यों और अलग-अलग पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
CCTV फुटेज से क्या पता लगाने की कोशिश?
क्राइम ब्रांच का मुख्य फोकस साहिल की आखिरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार करने पर है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि एग्जाम हॉल से निकलने के बाद उसने किन रास्तों से सफर किया, वह किन जगहों पर रुका और हॉस्टल पहुंचने के बाद क्या हुआ। पुलिस ने बताया है कि अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज को एक साथ देखकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल फुटेज सार्वजनिक नहीं किया गया है।
IIT बॉम्बे में विरोध प्रदर्शन भी जारी
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों के विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। छात्रों की ओर से संस्थान में कई सुधारों और स्वतंत्र जांच की मांग उठाई गई है। वहीं, कुछ छात्रों और फैकल्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि परीक्षा में कथित अनियमितता और छात्र की मौत को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। ऐसे में क्राइम ब्रांच की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण हो गई है। CCTV फुटेज के अलावा पुलिस अन्य सबूतों और घटनाक्रम की भी जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि साहिल परीक्षा कक्ष से निकलने के बाद करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल पहुंचा था और इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। आगे की जांच से ही यह साफ हो पाएगा कि परीक्षा हॉल की घटना और उसके बाद की घटनाओं के बीच क्या संबंध था।
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Written by Ambar Pandey

