ज्ञानेश कुमार को PM बना दीजिए, पद्म भूषण देने की मांग पर पवन खेड़ा का तंज

ज्ञानेश कुमार को PM बना दीजिए, पद्म भूषण देने की मांग पर पवन खेड़ा का तंज

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की बात कही थी। अब कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने इस बयान पर तंज कसा है। पवन खेड़ा ने कहा कि पद्म भूषण तो बहुत छोटी बात है, ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री ही बना देना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रही कांग्रेस

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन भी किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों का जवाब मिलना चाहिए। दूसरी ओर, बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार के काम की तारीफ करते हुए उनके लिए पद्म भूषण की मांग की है। इस तरह एक ही मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से बिल्कुल अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

समिक भट्टाचार्य ने क्या कहा था?

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 25 सितंबर को ज्ञानेश कुमार की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्हें कम से कम पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए। भट्टाचार्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान लोगों को बिना डर के मतदान करने का मौका मिला। उन्होंने मतदाता सूची के संशोधन और कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने को लेकर भी ज्ञानेश कुमार की भूमिका का उल्लेख किया। ये दावे बीजेपी नेता के बयान के रूप में सामने आए हैं। समिक भट्टाचार्य ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस खुद राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से नहीं लेती।

पवन खेड़ा ने क्या कहा?

समिक भट्टाचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “पद्म भूषण तो बहुत छोटी सी बात है। उन्हें प्रधानमंत्री बना दीजिए।” खेड़ा ने आगे तंज करते हुए कहा कि जो व्यक्ति दूसरों को प्रधानमंत्री बना सकता है, उसे खुद प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। उनका यह बयान ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में आया है।

SIR को लेकर पहले से चल रहा विवाद

ज्ञानेश कुमार को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है जब Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को लेकर किसी संस्थागत विभाजन की बात से इनकार किया है।

कांग्रेस मांग रही ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा

SIR विवाद के बीच कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन भी किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों का जवाब मिलना चाहिए। दूसरी ओर, बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार के काम की तारीफ करते हुए उनके लिए पद्म भूषण की मांग की है। इस तरह एक ही मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से बिल्कुल अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

बयानबाजी से और गरम हुआ मामला

ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रही यह बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है जब SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। एक तरफ विपक्षी नेता CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष उनके काम की सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा कर रहे हैं। अब पवन खेड़ा के तंज के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी के नए दौर में पहुंच गया है।

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