राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। चिराग पासवान ने कहा कि अगर चुनाव आयोग को लेकर किसी तरह का संदेह या सवाल है तो आयोग को सामने आकर चीजों को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए।
राहुल गांधी ने की CEC के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी विपक्ष की ओर से दरअसल, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उनके बयानों के बाद विपक्ष की कई पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर अपना समर्थन जताया है। शुक्रवार को विपक्षी दलों की ओर से अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन का भी ऐलान किया गया था।
अभिजीत दीपके ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
इसी मुद्दे पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। 24 सितंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर CEC इस्तीफा नहीं देता है तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने इसे ‘जंतर मंतर 2.0’ नाम दिया है। संगठन ने SIR को रोकने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी मांगें रखी हैं।
चिराग पासवान ने क्या कहा?
राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की ओर से CEC के इस्तीफे की मांग के बीच चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से चीजें स्पष्ट करने की बात कही है। चिराग पासवान का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर अगर किसी के मन में सवाल हैं तो संबंधित संस्थाओं को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके बयान का मुख्य जोर चुनाव प्रक्रिया में जनता के भरोसे और उठ रहे सवालों पर स्पष्टीकरण देने पर रहा। यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।

SIR को लेकर क्या है पूरा विवाद?
Special Intensive Revision यानी SIR के तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। विवाद उस समय और बढ़ा जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने, Form 6 में बदलाव और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मामलों से जुड़ी थीं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों में बताए गए मतभेद की व्याख्या अलग तरीके से की है। आयोग का कहना है कि निर्णय प्रक्रिया में अलग-अलग विचार या टिप्पणियां आना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR समेत उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं। यानी विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोग ने अपने फैसलों में किसी संस्थागत विभाजन की बात को खारिज किया है।
अब आगे क्या?
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन भी सामने आ रहे हैं। एक तरफ राहुल गांधी और विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जोड़ रहे हैं। वहीं CJP ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में अब इस पूरे विवाद में आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बयानों के साथ चुनाव आयोग की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
Read More https://nationagenda.com/gyanesh-kumar-abhijeet-dipke-48-hours-ultimatum-jantar-mantar-part-2/
Written by Ambar Pandey


2 thoughts on “राहुल गांधी और अभिजीत दीपके ने मांगा इस्तीफा तो बोले चिराग पासवान- ‘आइए और चीजें स्पष्ट करिए…’”