ED की रेड से भड़के CM डीके शिवकुमार, गिना दिए 3 नेताओं के नाम

ED की रेड से भड़के CM डीके शिवकुमार, गिना दिए 3 नेताओं के नाम

ED की रेड से भड़के CM डीके शिवकुमार। कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। ED ने कर्नाटक में कुल 18 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें सतीश जारकीहोली के बेंगलुरु स्थित आवास, उनकी बेटी और चिक्कोडी से सांसद प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर और उनके रिश्तेदार व आबकारी विभाग के अधिकारी वाईडी मंजूनाथ से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।

ED की यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और FEMA यानी Foreign Exchange Management Act से जुड़े मामले की जांच के तहत बताई जा रही है। इसी बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

ED की रेड पर क्यों भड़के डीके शिवकुमार?

ED की रेड पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भड़क उठे और कहा कि सतीश जारकीहोली पर हुई ED की कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

शिवकुमार ने जारकीहोली को एक प्रभावशाली दलित कांग्रेस नेता बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ED की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कर्नाटक सरकार अपने 100 दिन पूरे होने से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारी कर रही है।

हालांकि, इन आरोपों पर BJP या केंद्र सरकार की ओर से इस रिपोर्ट के समय तक कोई ऐसा जवाब सामने नहीं आया है, जिससे इन आरोपों की पुष्टि मानी जा सके।

CM ने गिना दिए 3 नेताओं के नाम

डीके शिवकुमार ने ED की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक निशाने पर आने वाले नेताओं का जिक्र करते हुए तीन नेताओं के नाम गिनाए। उनके बयान का मकसद यह बताना था कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई केवल एक नेता तक सीमित नहीं रही है।

शिवकुमार ने इसे विपक्षी नेताओं और राज्य सरकार से जुड़े नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर पेश किया। हालांकि, जिन नेताओं का उन्होंने जिक्र किया, उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों और जांच की स्थिति अलग है। इसलिए हर मामले को एक ही कार्रवाई के रूप में देखना सही नहीं होगा।

सतीश जारकीहोली के ठिकानों पर कहां-कहां रेड?

रिपोर्टों के मुताबिक, ED की टीमों ने कर्नाटक में 18 स्थानों पर तलाशी ली। इनमें बेंगलुरु की डॉलर कॉलोनी स्थित सतीश जारकीहोली का आवास भी शामिल है।

इसके अलावा उनकी बेटी और चिक्कोडी लोकसभा सीट से सांसद प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर में भी तलाशी ली गई। उनके रिश्तेदार वाईडी मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर भी ED की कार्रवाई हुई।

ED की यह कार्रवाई एक ऐसे मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसकी जांच में कथित वित्तीय लेनदेन और विदेशी मुद्रा कानून से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है।

FEMA केस में ED कर रही जांच

ED की मौजूदा कार्रवाई को Foreign Exchange Management Act यानी FEMA के तहत की जा रही जांच से जोड़ा गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई मंजूनाथ से जुड़े पुराने आबकारी विभाग के मामले से अलग है, हालांकि मंजूनाथ मौजूदा जांच में भी शामिल हैं।

इससे पहले जून में ED ने मंजूनाथ के आवास पर भी तलाशी ली थी। उस जांच में एजेंसी ने आबकारी विभाग में कथित रिश्वत नेटवर्क का आरोप लगाया था। ED के अनुसार, कथित तौर पर रिश्वत से मिली रकम का इस्तेमाल निजी खर्च, संपत्तियों और कारोबार में निवेश के लिए किया गया।

ED का आरोप क्या है?

ED की पिछली जांच के मुताबिक, आबकारी विभाग से जुड़े एक कथित नेटवर्क में अधिकारियों, निजी लोगों और बिचौलियों की भूमिका की जांच की गई थी। एजेंसी का दावा था कि शराब दुकानों से कथित तौर पर नियमित रूप से रिश्वत वसूली जाती थी और इस रकम को अलग-अलग माध्यमों से इस्तेमाल किया जाता था।

ED ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ अधिकारियों से जुड़े लोगों के नाम पर शराब लाइसेंस लिए गए और कथित अवैध कमाई को वैध कारोबारी आय के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं और इनका अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया में होगा।

सतीश जारकीहोली ने क्या कहा?

मौजूदा ED रेड के बाद सतीश जारकीहोली की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी अभी सीमित है। वहीं, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुलकर ED की कार्रवाई का विरोध किया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

ऐसे में अब इस मामले में ED की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। एजेंसी की तलाशी में क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली, इसका पूरा विवरण सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर और साफ होगी।

कर्नाटक की राजनीति में बढ़ सकता है टकराव

सतीश जारकीहोली पर ED की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कर्नाटक कांग्रेस के भीतर भी राजनीतिक समीकरण चर्चा में हैं। जारकीहोली कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और राज्य सरकार में PWD मंत्री हैं।

इस कार्रवाई ने कांग्रेस और BJP के बीच केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। कांग्रेस जहां इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रही है, वहीं जांच एजेंसी अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है।

फिलहाल यह साफ है कि ED की जांच जारी है और छापेमारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और अदालत में मामले की आगे की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

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Written by Ambar Pandey

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