मणिपुर में तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, NRC अपडेट की मांग को लेकर आंदोलन तेज

मणिपुर में तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, NRC अपडेट की मांग को लेकर आंदोलन तेज

मणिपुर में तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, NRC अपडेट की मांग को लेकर आंदोलन तेज

मणिपुर में नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन, रैलियां और पुतला दहन किए जाने के बीच सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। सरकारी आदेश के अनुसार, 20 अगस्त से राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान तीन दिनों तक बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए लिया है।

मणिपुर में NRC अपडेट की मांग को लेकर 48 घंटे की हड़ताल

मणिपुर में जनगणना से पहले NRC को अपडेट करने की मांग को लेकर Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) ने 48 घंटे के आम हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में नागरिकों की पहचान से जुड़े रिकॉर्ड को स्पष्ट किया जाना जरूरी है। हड़ताल के दौरान राज्य के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में रैलियां निकालीं और आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही है।

मणिपुर में कई इलाकों में निकाली गईं रैलियां

हड़ताल के दूसरे दिन मणिपुर के घाटी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और कुछ स्थानीय नेताओं व राजनेताओं के पुतले भी जलाए। प्रदर्शनकारियों का मुख्य जोर इस बात पर है कि आगामी जनगणना से पहले NRC को अपडेट किया जाए। उनका दावा है कि नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड स्पष्ट होने के बाद ही जनसंख्या की सही तस्वीर सामने आ सकती है।

मणिपुर में सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का ऐलान

JFD ने आंदोलन को और व्यापक बनाने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से गुरुवार से सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार की घोषणा की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की मांगों से निपटने की चुनौती भी बनी हुई है।

मणिपुर में आखिर NRC अपडेट की मांग क्यों उठ रही है?

मणिपुर में NRC को अपडेट करने की मांग का संबंध नागरिकता, कथित अवैध प्रवासन और राज्य की जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों से है। आंदोलन से जुड़े संगठनों का तर्क है कि जनगणना से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि राज्य में रहने वाले लोगों में कौन भारतीय नागरिक है और किन लोगों की नागरिकता पर सवाल है। JFD का कहना है कि यदि नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड स्पष्ट किए बिना जनगणना होती है, तो राज्य की आबादी से संबंधित आंकड़ों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, नागरिकता और जनगणना की प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं और किसी व्यक्ति को अवैध प्रवासी मानने का अंतिम निर्धारण संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होता है।

जनसांख्यिकीय आंकड़ों को लेकर मणिपुर में चिंता

प्रदर्शनकारी संगठनों की चिंता मुख्य रूप से राज्य के जनसांख्यिकीय स्वरूप को लेकर है। उनका मानना है कि जनगणना में शामिल आबादी के आंकड़े भविष्य में प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से संगठन पहले NRC अपडेट और उसके बाद जनगणना कराने की मांग पर जोर दे रहा है। इस मुद्दे को लेकर मणिपुर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस भी तेज हो गई है।

NRC और जनगणना में क्या अंतर है?

NRC और जनगणना दोनों अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। NRC का उद्देश्य नागरिकों की पहचान और नागरिकता से संबंधित रिकॉर्ड तैयार करना है, जबकि जनगणना का मुख्य उद्देश्य किसी क्षेत्र में रहने वाली आबादी की संख्या और उससे जुड़े सामाजिक, आर्थिक व जनसांख्यिकीय आंकड़े जुटाना है। यही अंतर मणिपुर में चल रहे आंदोलन के केंद्र में है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जनगणना से पहले नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड को अपडेट किया जाए, जबकि राज्य में प्रशासन के सामने मौजूदा कानून-व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी है।

तीन दिन बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान

NRC अपडेट की मांग को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच मणिपुर में स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है। इससे छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होगी, लेकिन सरकार ने यह कदम मौजूदा स्थिति को देखते हुए उठाया है। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में जाता है और NRC अपडेट की मांग को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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written by Suchana Nanda

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