समय रैना को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की FIR, बंद हुई आपराधिक कार्यवाही
नई दिल्ली: कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने India’s Got Latent मामले में उनके खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।
कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी। इसके साथ ही, इस मामले से जुड़ी FIR भी रद्द कर दी गई।
समय रैना के साथ इन लोगों को भी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना के अलावा चार अन्य लोगों को भी राहत दी है। इनमें विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर शामिल हैं।
इन सभी के खिलाफ भी मामले दर्ज हुए थे। कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इनके खिलाफ इस मामले की आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
कोर्ट ने किन बातों को ध्यान में रखा?
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की ओर से किए गए बाद के प्रयासों को भी ध्यान में रखा। इन लोगों ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता और सहायता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए थे।
साथ ही, कोर्ट ने उनके सकारात्मक प्रयासों की सराहना की। पीठ ने कहा कि जब प्रयास सही दिशा में हों, तो सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद India’s Got Latent से जुड़े कंटेंट को लेकर सामने आया था। आरोप था कि कार्यक्रम में दिव्यांग व्यक्तियों और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। इसी दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों की गरिमा और ऑनलाइन कंटेंट से जुड़े व्यापक सवालों पर भी सुनवाई शुरू की थी।

क्या पूरा मामला अब खत्म हो गया?
समय रैना और चार अन्य के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म हो गई है। हालांकि, ऑनलाइन कंटेंट में दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े मामलों के व्यापक मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जारी रहेगी।
कोर्ट इस विषय पर भविष्य के लिए जरूरी दिशानिर्देश और सुरक्षा उपायों पर भी विचार कर रहा है।
समय रैना के लिए बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से समय रैना को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में अब उनके खिलाफ संबंधित आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
कुल मिलाकर, कोर्ट ने FIR रद्द करते हुए यह भी देखा कि आरोपियों ने बाद में दिव्यांग समुदाय के समर्थन में सकारात्मक कदम उठाए। वहीं, ऑनलाइन कंटेंट और दिव्यांग व्यक्तियों की गरिमा से जुड़े व्यापक मुद्दे पर सुनवाई आगे जारी रहेगी।
Witten by Ambar Pandey

