आजमगढ़ हत्याकांड में ‘भूत’ की एंट्री! रेप, अपहरण और भाई की हत्या के बाद क्या हुआ, जो अरविंद ने उजाड़ दिया अपना परिवार

आजमगढ़ हत्याकांड में ‘भूत’ की एंट्री! रेप, अपहरण और भाई की हत्या के बाद क्या हुआ, जो अरविंद ने उजाड़ दिया अपना परिवार

आजमगढ़ में एक ही परिवार से जुड़ी ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया।उत्तर प्रदेश आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ के दौरान गोलीबारी में अरविंद सिंह की पत्नी बबीता और दो पुरोहितों की मौत हो गई। इसके बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया।

करीब सात से आठ घंटे तक पुलिस ने उसे समझाकर सरेंडर कराने की कोशिश की। लेकिन हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल कर घर में प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, अंदर से फायरिंग होने के बाद जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। इस दौरान घायल हुए उसके बेटे शौर्य की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

आजमगढ़ में पत्नी और दो पुरोहितों की हत्या के बाद बच्चों को बनाया बंधक

आजमगढ़ में पत्नी और दो पुरोहितों की हुई हत्या, गोलीबारी के बाद मामला और गंभीर हो गया। अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया। बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। अधिकारियों और परिवार के लोगों ने कई घंटे तक अरविंद को समझाने की कोशिश की। पुलिस लगातार उससे सरेंडर करने की अपील करती रही। लेकिन करीब सात घंटे बाद घर के अंदर से फायरिंग की आवाज आई। इसके बाद पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया।

पूजा के दौरान आखिर हुआ क्या था?

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अरविंद की मां ने घर में पूजा और महामृत्युंजय जाप के लिए कुछ पुरोहितों को बुलाया था। यह पूजा अरविंद के दिवंगत भाई सुनील की आत्मा की शांति के लिए कराई जा रही थी। मंगलवार शाम अरविंद घर पहुंचा तो वहां पूजा चल रही थी। उसके बाद पुरोहितों से उसकी बहस हुई। पुलिस और परिवार के बयानों के मुताबिक, अरविंद ने पुरोहितों से आधार कार्ड दिखाने को कहा। विवाद बढ़ने के बाद उसने गोली चला दी। इस फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता और दो पुरोहितों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। दो अन्य पुरोहितों के सुरक्षित बच निकलने की बात सामने आई है।

‘भूत’ की कहानी कहां से आई?

इस मामले में ‘भूत’ या ‘प्रेत बाधा’ की बात परिवार के दावे के कारण सामने आई है। अरविंद की मां के अनुसार, उसके भाई सुनील की हत्या के बाद परिवार को लगा कि उसकी आत्मा परेशान कर रही है। इसी वजह से घर में कई दिनों से पूजा-पाठ और झाड़-फूंक कराई जा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार का दावा है कि अरविंद पहले से मानसिक तनाव में था और उसके परिवार के साथ हुई पुरानी घटनाओं ने उसे काफी प्रभावित किया था। हालांकि, किसी कथित ‘भूत’ या प्रेत बाधा को पुलिस जांच ने घटना की वजह के रूप में प्रमाणित नहीं किया है।

2015 में पत्नी से रेप का केस, 2018 में भाई की हत्या

परिवार की ओर से बताई गई कहानी कई साल पुरानी है। अरविंद की मां के मुताबिक, साल 2015 में बबीता ने पड़ोस के दो लोगों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में आरोपियों को अदालत से सजा भी हुई थी। इसके बाद 2018 में अरविंद के भाई सुनील सिंह की हत्या कर दी गई। परिवार के मुताबिक, इस मामले में कुछ लोगों के नाम सामने आए थे और मामला अदालत में चल रहा था।यही पुरानी घटनाएं परिवार के मुताबिक अरविंद के लिए लगातार तनाव का कारण बनी रहीं। हालांकि, इन घटनाओं और मंगलवार की गोलीबारी के बीच सीधा कारण क्या था, इसकी पुष्टि जांच से ही होगी।

स्टन ग्रेनेड और टियर गैस के बाद पुलिस की एंट्री

रिपोर्ट के मुताबिक, घर के अंदर से फायरिंग होने के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद दरवाजा तोड़कर टीम ने घर में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार, अंदर से जवाबी फायरिंग हुई। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं गोली लगने से घायल उसके बेटे शौर्य ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों बेटियों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पांच लोगों की मौत से गांव में मातम

इस पूरी घटना में अरविंद की पत्नी बबीता, दो पुरोहितों और उसके बेटे शौर्य की मौत हुई। इसके बाद पुलिस कार्रवाई में घायल अरविंद की भी मौत हो गई। इस तरह घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की जान चली गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूजा के दौरान विवाद किस बात पर शुरू हुआ और उसके बाद घटनाएं इतनी तेजी से हिंसक कैसे हो गईं। आजमगढ़ की इस घटना में परिवार की ओर से पुरानी घटनाओं, मानसिक तनाव और कथित ‘प्रेत बाधा’ का जिक्र किया गया है। वहीं पुलिस की शुरुआती जांच में पूजा के दौरान विवाद और उसके बाद हुई गोलीबारी मुख्य घटनाक्रम के तौर पर सामने आई है। अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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Written by Ambar Pandey

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